सूरत के उधना इलाके में 27 मई को इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया. भीमनगर क्षेत्र में 5 से 6 महीने के भ्रूण के अर्ध-जली हालत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी. सूचना मिलते ही उधना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस ने मामले में एक युवती को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके प्रेमी की तलाश जारी है.
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार युवती मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली है. युवती का एक युवक के साथ प्रेम संबंध था, जिसके चलते वह गर्भवती हो गई थी. युवती फिलहाल सूरत में अपनी नानी के घर आई हुई थी. पुलिस पूछताछ में युवती ने कबूल किया कि भ्रूण उसी का है और उसके प्रेमी ने उसे गर्भपात कराने के लिए दवाइयां दी थीं.
यह भी पढ़ें: सूरत में इंसानियत शर्मसार! कचरे के ढेर में जला मिला नवजात का शव
गर्भपात के बाद युवती भ्रूण को लेकर अपनी नानी के पास पहुंची थी. आरोप है कि मामले को छिपाने के इरादे से नानी ने भ्रूण को कपड़े में लपेटकर जलते हुए कचरे में फेंक दिया. कचरे में पहले से आग लगी थी या सबूत मिटाने के लिए आग लगाई गई थी, पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है.
सीसीटीवी और मुखबिरों से मिला सुराग
27 मई की सुबह स्थानीय लोगों ने जब कचरे में अर्ध-जला भ्रूण देखा तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई. बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और घटना को लेकर भारी आक्रोश फैल गया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों की मदद से कुछ ही घंटों में 19 वर्षीय युवती को हिरासत में ले लिया.
प्राथमिक पूछताछ में युवती ने पुलिस को बताया कि वह केवल गर्भपात कराने के लिए महाराष्ट्र से सूरत आई थी. उसके प्रेमी ईश्वर ने उसे गर्भपात की दवाइयां दी थीं, जिसके बाद गर्भपात हो गया. पुलिस ने बताया कि युवती की सही उम्र को लेकर संदेह है, इसलिए उसके सभी पहचान पत्र जब्त कर लिए गए हैं.
पुलिस अब युवती का डीएनए टेस्ट भी कराएगी, ताकि उसकी वास्तविक उम्र और अन्य तथ्यों की पुष्टि हो सके. यदि युवती नाबालिग पाई जाती है तो मामले में और गंभीर धाराएं जोड़ी जाएंगी.
प्रेमी और नानी पर भी कार्रवाई की तैयारी
सूरत पुलिस ने बताया कि युवती के प्रेमी की गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना कर दी गई है. पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसने गर्भपात की दवाइयां उपलब्ध कराईं. वहीं, भ्रूण को जलते कचरे में फेंकने वाली नानी के खिलाफ भी सबूत नष्ट करने और मानव जीवन के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
डीसीपी डॉ. कानन देसाई ने बताया कि कॉरपोरेशन द्वारा जलाए जा रहे कचरे में भ्रूण भी आधा जल गया था. एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक जांच कराई गई है. उधना थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है.