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फर्जी सिम, नकली खाते और करोड़ों की लूट... सूरत में ₹47.44 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़

सूरत साइबर क्राइम पुलिस ने 47.44 करोड़ की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. मामले में आरोपी भावेश शिंदे को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो आरोपी फरार हैं. पुलिस छापेमारी में कैश, डेबिट कार्ड, सिम और बैंक खातों का डेटा मिला है. फरार आरोपी पहले महादेव गेमिंग ऐप मामले में भी गिरफ्तार हो चुका है.

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ऑपरेशन ‘म्यूल हंट’ में बड़ी सफलता.(Photo: Screengrab)
ऑपरेशन ‘म्यूल हंट’ में बड़ी सफलता.(Photo: Screengrab)

गुजरात के सूरत में साइबर क्राइम पुलिस ने 47.44 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है. शहर के लिंबायत इलाके में छापेमारी कर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि दो अन्य आरोपियों को फरार घोषित किया गया है. गिरफ्तार आरोपी के पास से 18.50 लाख रुपये नकद सहित कुल 19.87 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया है.

पुलिस के अनुसार यह गिरोह लिंबायत क्षेत्र के नीलगिरी सर्कल के पास सुभाषनगर सोसायटी के एक घर से अपना पूरा नेटवर्क चला रहा था. पुलिस ने भावेशभाई मनोजभाई आश्रम शिंदे को गिरफ्तार किया है, जबकि ऋषिकेश अधिकार शिंदे और मूल रूप से महाराष्ट्र के निवासी हरीश सुनीलभाई चौधरी फरार बताए गए हैं.

यह भी पढ़ें: ग्राउंड रिपोर्ट: ईरान जंग से हांफ रही सूरत की 'धड़कन', टेक्सटाइल इंडस्ट्री में बस एक शिफ्ट में काम

सूरत साइबर क्राइम सेल के अनुसार भावेश शिंदे अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक घर से साइबर ठगी का धंधा चला रहा था. गिरोह की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने घर पर दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया.

छापेमारी में बरामद हुआ बड़ा नेटवर्क

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 19.50 लाख रुपये नकद, 16 डेबिट कार्ड, 24 चेकबुक, पासबुक, पांच सिम कार्ड, एक स्वाइप मशीन और एक जुपिटर बाइक बरामद की. पूछताछ में सामने आया कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था और संदेह से बचने के लिए ऑफिस की बजाय घर से ही नेटवर्क संचालित करता था.

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गिरोह फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था. आरोपी अलग-अलग राज्यों के लोगों से उनके बैंक खाते और उनसे जुड़े मोबाइल नंबर हासिल करते थे और विदेश में बैठे साइबर ठगों को बैंक विवरण उपलब्ध कराते थे.

विदेश से आने वाली ठगी की रकम अलग-अलग भारतीय खातों में ट्रांसफर की जाती थी. इसके बाद आरोपी एटीएम और अन्य माध्यमों से पैसे निकालकर कमीशन काटते और बाकी रकम आगे भेज देते थे.

47.44 करोड़ की ठगी का खुलासा

प्राथमिक जांच में पता चला कि गिरोह ने देश के विभिन्न राज्यों के लोगों से अब तक कुल 47.44 करोड़ रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की है. इस गिरोह के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में पहले से 15 पुलिस शिकायतें दर्ज हैं. पुलिस को आशंका है कि पीड़ितों की संख्या और ठगी का आंकड़ा और बढ़ सकता है.

आरोपी.
आरोपी.

आरोपी लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और उन खातों का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में रखते थे ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके. फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच जारी है.

‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत कार्रवाई जारी

साइबर क्राइम सेल की डीसीपी विशाखा जैन ने बताया कि उपमुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत कार्रवाई जारी है. सूचना मिलने पर छापेमारी कर भावेश शिंदे को गिरफ्तार किया गया, जिसका काम एटीएम से निकाली गई नकदी इकट्ठा कर हरीश चौधरी को सौंपना था.

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हरीश चौधरी के घर पर छापेमारी में 18.5 लाख रुपये नकद, 40 सिम कार्ड और 35 बैंक खातों का विवरण मिला. इन खातों के खिलाफ NCRP पोर्टल पर 56 शिकायतें दर्ज पाई गईं, जिनमें कुल 47 करोड़ 44 लाख रुपये की ठगी सामने आई.

पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी हरीश चौधरी और ऋषिकेश पहले प्रवर्तन निदेशालय की जांच में महादेव गेमिंग ऐप मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं. फिलहाल दोनों जमानत पर बाहर बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है.

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