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देश से दगा करने की सजा...पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले 3 लोगों को उम्रकैद

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के मामले में तीन लोगों को कोर्ट ने दोषी करार दिया है. अहमदाबाद की विशेष कोर्ट ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. दोषी पाए गए तीनों लोगों ने राजस्थान के जोधपुर आर्मी कैंटोनमेंट, बीएसएफ हेड क्वार्टर, अधिकारियों की रैंक और नक्शे जैसी जानकारी पाकिस्तान भेजी थी.

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प्रतीकात्मक फोटो.
प्रतीकात्मक फोटो.

गुजरात के अहमदाबाद में विशेष कोर्ट ने ISI के लिए जासूसी करने के मामले में तीन आरोपियों को दोषी पाया है. तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. इसमें मोहम्मद अयूब, सिराजुद्दीन और नवसाद अली के नाम शामिल हैं. इन तीनों लोगों पर अहमदाबाद के मिलिट्री स्टेशन की जानकारी पाकिस्तान पहुंचाने का आरोप था. साल 2014 में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने तीनों को गिरफ्तार किया था.

दरअसल, मोहम्मद अयूब, सिराजुद्दीन और नवसाद अली ने राजस्थान के जोधपुर आर्मी कैंटोनमेंट और बीएसएफ हेड क्वार्टर,अधिकारियों की रैंक और नक्शे जैसी जानकारी पाकिस्तान भेजी थी. इन आरोपियों को खिलाफ कुल 75 लोगों ने गवाही भी दी थी.

भारत से सिम कार्ड खरीद कर भेजता था पाकिस्तान

बता दें कि सितंबर 2022 में भी अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने अब्दुल वहाब पठान नाम के पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया था. क्राइम ब्रांच का कहना था कि आरोपी के तार पाकिस्तानी इंटेलिजेंस से जुड़े हैं और ये भारत से सिम कार्ड खरीद कर पाकिस्तान भेजता था. यह काम अब्दुल वहाब पठान साल 2019 से कर रहा था. पकड़े जाने से पहले वह तीन से चार बार पाकिस्तान भी जा चुका था. 

पाकिस्तान उच्चायोग के जरिए भेजा जाता था सिम

उसके पास से कुल 10 सिम कार्ड बरामद हुए थे. आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि वह कई वेबसाइट के जरिए लोगों की आईडी प्रूफ इकट्ठा करता था और उनसे सिम कार्ड खरीदता था. फिर दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग में काम करने वाले लोगों के माध्यम से आईएसआई के ऑपरेटिव तक ये सिम कार्ड पहुंचाए जाते थे. वहाब इन सिम कार्ड पर व्हाट्सएप एक्टिव करता था और दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के इंटेलिजेंस ऑफिसर शफाकत जतोई को देता था .

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