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गांजा चोरी हुआ, अफीम चूहे खा गए! CID के जवाब पर CAG हैरान, मालखाने से 2300 Kg ड्रग्स गायब

Rats Ate Drugs Gujarat Police Claim: गुजरात में ड्रग्स के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' के दावों के बीच भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. दावा है कि पुलिस विभाग के मालखानों से भारी मात्रा में गांजा और अफीम चूहों ने खा ली या चोरी हो गई.

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6510 किलो ड्रग्स जब्त हुई, मिली 2332 किलो.(Photo: Representational)
6510 किलो ड्रग्स जब्त हुई, मिली 2332 किलो.(Photo: Representational)

गुजरात सरकार नशीली दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती है और समय-समय पर गुजरात के तटीय क्षेत्रों या सीमाओं से जब्त की गई नशीली दवाओं के आंकड़े भी सामने आते रहते हैं. लेकिन कोई यह नहीं बताता कि जब्त होने के बाद इन दवाओं का क्या होता है. भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट से पता चला है कि 12 सालों में 2332 किलो नशीली दवाएं चूहों ने खा लीं या चोरों ने चुरा ली हैं. यह चौंकाने वाला लग सकता है. लेकिन पुलिस अधिकारियों ने अपने बयानों में ये जानकारी सीएजी को दी है.

CAG ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि एडीजीपी सीआईडी क्राइम गांधीनगर के रिकॉर्ड के अनुसार, गुजरात पुलिस के एसओजी सहित अन्य एजेंसियों ने अगस्त 2010 से नवंबर 2022 तक करीब बारह वर्षों की अवधि में कुल 6,510.54 किलो और 848 बोतलें नशीली दवाएं जब्त कीं. 

सीआईडी क्राइम ने अगस्त 2021 से नवंबर 2024 के बीच बड़े पैमाने पर इन दवाओं का निपटान किया. हालांकि, अक्टूबर 2022 से जुलाई 2023 के बीच 4,177.86 किलो मात्रा में नशीली दवाओं का निपटान किया गया. मतलब कि जब्त की गई मात्रा में से 2332.68 किलो या 35 प्रतिशत का अंतर था. 

नमी का भी बहाना!

जब गृह विभागने इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा, तो एडीजीपी सीआईडी क्राइम ने कहा कि लगभग 144.180 किलो गांजा चोरी हो गया था, जबकि शेष नशीली दवाएं चूहों ने खा ली थीं. इसके अलावा, गांजा और अफीम लंबे समय तक पड़े रहने के कारण उनमें नमी आ गई, जिससे उनका वजन कम हो गया. 

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सीएजी ने कहा कि यद्यपि इतनी बड़ी मात्रा में से कुछ अंश ऐसे कारणों से नष्ट हो सकता है, लेकिन इतना बड़ा अंतर पुनर्विचार का विषय है. इसका अर्थ यह है कि सीएजी ने पुलिस अधिकारियों के दृढ़ संकल्प पर भी संदेह व्यक्त किया है.

CAG ने इस मामले में गृह विभाग से तीन मुख्य कारणों पर स्पष्टीकरण मांगा है. गृह विभाग के अनुसार, अक्टूबर 2022 से जुलाई 2023 के बीच पूरे गुजरात से जब्त किए गए कुछ नशीले पदार्थों के गायब होने का कारण चोरी बताया जा रहा है. 

कुछ मात्रा, विशेष रूप से गांजा, चूहों और अन्य कीटों द्वारा नष्ट कर दिया गया है, साथ ही कचरे या कीड़ों के कारण भी. यह भी दावा किया गया है कि गांजा और अफीम के हरे पौधों में नमी के कारण सूखने से उनका वजन कम हो जाता है, जिससे कुछ नशीले पदार्थों के मूल गुण नष्ट हो जाते हैं और वजन घट जाता है. 

सीएजी की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि नशीले पदार्थ जब्त करने के बाद उसकी फॉरेंसिक जांच में ज्यादा वक्त लगता है जिससे ड्रग्स की सही जानकारी मिलने में देरी होती है. इसके अलावा उसके सही सलामत रखने या नाश करने के लिए कोई मानक तय नहीं थे, जिसकी वजह से यह लापरवाही सामने आई है.

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