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राज्यसभा चुनाव से पहले गुजरात कांग्रेस में पड़ सकती है फूट: विजय रूपाणी

ज्योतिरादित्य सिंधिया के भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के सवाल पर विजय रूपाणी ने जवाब देते हुए कहा कि सिंधिया ने बेहतर फैसला लिया है. उनके आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी.

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गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी (फाइल फोटो)
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी (फाइल फोटो)

  • मुख्यमंत्री रूपाणी का कांग्रेस पर बड़ा आरोप, कहा- कांग्रेस की अंदरुनी लड़ाई चरम पर
  • गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने रूपाणी के इन आरोपों का किया खंडन

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गुजरात कांग्रेस इकाई को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी में फूट पड़ सकती है. गुजरात कांग्रेस में अंदरुनी लड़ाई चरम पर है, कांग्रेस के नेता लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे हैं. लेकिन कांग्रेस पार्टी इस विषय को गंभीरता से नहीं ले रही है.

कांग्रेस बोली- रुपाणी को नहीं आ रही अच्छे से नींद

इसी पर तंज कसते हुए रूपाणी ने कहा है कि राज्यसभा चुनाव से पहले गुजरात कांग्रेस में टूट पड़ सकती है. इस बयान के सामने आने के बाद गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि विजय रूपाणी राज्यसभा चुनाव से पहले तनाव से ग्रस्त हैं और रात में उनको नींद अच्छे से नहीं आ रही है, इसलिए इस तरह के बयान दे रहे हैं.

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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा कि रूपाणी सरकार को अधिकारी चलाते हैं. गुजरात के लोगों से यह भी पूछा जाना चाहिए कि रूपाणी सरकार को चलाता कौन है, मंत्री या अधिकारी. प्रदेश कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि गुजरात सरकार की कमान किसके हाथों में हैं.

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वहीं मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मध्यप्रदेश की सियासी घटनाक्रम पर खुलकर अपने विचार रखे. ज्योतिरादित्य सिंधिया के भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के सवाल पर जवाब देते हुए रूपाणी ने कहा कि सिंधिया ने बेहतर फैसला लिया है. उनके आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी. कांग्रेस आतंरिक गुटबाजी की वजह से खत्म होने की कगार पर पहुंच गई हैं.

मुख्यमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस के नेता ने पलटवार करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार, शासन की नीतियों और अपने कार्यों को आगे बढ़ाने में सक्षम नहीं होने पर जोड़तोड़ की राजनीति करती है. जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है. अनेक राज्यों में पैसे और सत्ता का लालच दिखाकर बीजेपी किसी प्रकार से सत्ता पर काबिज होना चाहती है.

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