अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नवरंगपुरा स्थित एक घर से विदेशी पक्षियों और जानवरों के प्रजनन और बिक्री करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने घर से 46 जानवर और 21 पक्षी जब्त किए हैं. इनमें से अधिकांश पक्षियों और जानवरों की कीमत लाखों रुपये है. क्राइम ब्रांच ने वन विभाग, कस्टम और अहमदाबाद नगर निगम को भी इस पूरे मामले की जानकारी दे दी है. क्राइम ब्रांच ने सूचना के आधार पर नवरंगपुरा स्थित एक घर पर छापा मारा.
इस छापेमारी के दौरान घर से बड़ी संख्या में विदेशी जानवर और पक्षी बरामद हुए. पिछले कई वर्षों से इस घर में अवैध रूप से जानवर और पक्षी लाए जाते थे, उनका प्रजनन कराया जाता था और लाखों रुपये में बेचा जाता था.
इनमें अत्यंत दुर्लभ लाल हाथ वाले टैमरिन बंदर का बच्चा, पर्सियन केट्स और उनके बच्चे (7), छोटे और बड़े हैम्स्टर (14), मिनी लोप खरगोश (15) और लेदर लैब ड्वार्फ (9) जैसे जानवर शामिल हैं.
पक्षियों में अफ्रीकी ग्रे तोता (6), नीला और सुनहरा मैकाऊ (5), एक्लेक्टस तोता (3), सन कॉन्यूर (4), गालाह कॉकाटू (2), सल्फर-क्रेस्टेड कॉकाटू (1), साथ ही बड़ी संख्या में अफ्रीकी लवबर्डस, कॉन्यूर्स, कॉकाटील, बजरिगर और फेनीपीक पाए गए हैं, जिनका इंटरनेशनल मार्केट में दाम ज्यादा है.
पुलिस ने एक आरोपी को जानवरों और पक्षियों के साथ हिरासत में लिया है. आरोपी द्वारा 'परिवेश' पोर्टल पर जमा किए गए दस्तावेज़ प्रथम दृष्टया अपूर्ण और संदिग्ध हैं.
घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में बिना किसी जैव सुरक्षा या वैज्ञानिक सुविधाओं के इतनी बड़ी संख्या में जंगली और विदेशी जानवरों को रखना 'जूनोटिक' बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा पैदा करता है, जो स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है. आवासीय भवन का व्यावसायिक प्रजनन के लिए उपयोग करना भी एक गंभीर उल्लंघन है.
इस पूरे मामले की गंभीरता, अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव व्यापार के नियमों और जन स्वास्थ्य जोखिमों को ध्यान में रखते हुए, अहमदाबाद नगर निगम, वन विभाग और सीमा शुल्क विभाग को आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए आधिकारिक रूप से सूचित किया जाएगा. ये तीनों विभाग संयुक्त रूप से दस्तावेजों के सत्यापन, आयात की वैधता और आवासीय क्षेत्र में स्वास्थ्य जोखिमों की गहन जांच करेंगे.