गुजरात के जूनागढ़ में जूता कांड के बाद आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल इटालिया खुलकर सामने आए. उन्होंने न सिर्फ घटना को साजिश बताया, बल्कि इसके पीछे बीजेपी नेताओं की भूमिका होने का गंभीर आरोप भी लगाया. साथ ही उन्होंने कहा कि वह पहली बार इस तरह के हमलों के पीछे की सच्चाई जनता के सामने रख रहे हैं.
दरअसल मालिया हाटीना में हुई जनसभा के दौरान अचानक एक व्यक्ति ने गोपाल इटालिया की ओर जूता फेंक दिया. घटना के बाद वहां हंगामा मच गया और पुलिस ने आरोपी को मौके से हिरासत में ले लिया. विधायक गोपाल इटालिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आम आदमी पार्टी की लगभग हर सभा में इस तरह के “घटिया और योजनाबद्ध कृत्य” कराए जाते हैं.
गुजरात में जूता कांड
इटालिया ने आरोप लगाया कि विसावदर उपचुनाव में जीत के बाद बीजेपी उनसे और आम आदमी पार्टी से बौखलाई हुई है. इसी नाराज़गी के चलते पार्टी की सभाओं में जानबूझकर व्यवधान पैदा किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि जूता फेंकने वाला व्यक्ति शराब के नशे में था और उसके पास चाकू भी था, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
उन्होंने कहा, 'गुजरात में पिछले 30 साल से बीजेपी की सरकार है. जनता के प्रतिनिधि पर हमला करवाना बेहद निम्न स्तर की राजनीति को दर्शाता है. सत्ता पक्ष पर जूता फेंकने की हिम्मत नहीं, विपक्ष के नेता पर हमला करना कायरता है.' इटालिया ने साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले के पीछे बीजेपी नेताओं का इशारा है.
पैसे देकर उकसाने का दावा
इस बीच जूता फेंकने वाले शब्बीर का एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है. वीडियो में शब्बीर दावा करता है कि उसे तीन लोगों ने शराब पिलाकर मालिया हाटीना लाया और पैसे देने का लालच देकर गोपाल इटालिया पर जूता फेंकने के लिए कहा गया. उसने जिन लोगों के नाम लिए हैं, उनमें रामजीभाई का बेटा मीत, भरत भाई और एक अन्य व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं.
शब्बीर का यह भी कहना है कि जैसे ही उसने जूता फेंका, पुलिस ने उसे तुरंत पकड़ लिया. अब पुलिस वायरल वीडियो, आरोपों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.