स्थानीय निकाय चुनावों से पहले गुजरात में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है. गुजरात के किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजू करपडा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. करपडा ने आप के मुख्य संयोजक अरविंद केजरीवाल को अपना इस्तीफा भेजा है.
राजू करपडा पिछले सप्ताह ही जेल से बाहर आए थे. वो 100 दिन से ज्यादा समय तक जेल में बंद थे. अब उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. त्यागपत्र में उन्होंने आम आदमी पार्टी में मिली जिम्मेदारी के लिए आभार भी जताया है.
राजू करपडा की अगुवाई में किसानों ने बोटाद में 'कडदा प्रथा' के खिलाफ आंदोलन किया था. इस दौरान जमकर पथराव हुआ था जिसके आरोप में राजू करपडा समेत 8 बड़े नेता जेल में बंद थे. 100 दिन जेल में रहने के बाद उनकी जमानत मंजूर हुई थी.
राजू करपडा के इस्तीफे पर इशूदान गढ़वी की प्रतिक्रिया
राजू करपड़ा के इस्तीफे को लेकर प्रदेश अध्यक्ष इशूदान गढ़वी ने कहा, 'किसान नेता राजू करपड़ा का इस्तीफा व्हॉट्सएप से मिला है, इसपर मेरी उनसे कोई बात नहीं हुई है. लेकिन राजू करपडा ने किसानों के जो मुद्दे उठाए उनसे किसानो को उम्मीद जगी थी. राजूभाई, प्रवीणभाई समेत 86 लोगों पर बीजेपी ने अत्याचार किया था, बीजेपी ने केस किए, डराने की कोशिश की, इसके बाद भी किसान नेताओं और किसानों में उत्साह बरकरार रहा था.'
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बीजेपी पर लगाए संगीन आरोप
इशूदान गढ़वी ने कहा कि राजूभाई ने किसानों के लिए बहुत मेहनत की, लेकिन उनकी कोई मजबूरी रही होगी, जिसकी मुझे जानकारी नहीं है. उन्होंने एपीएमसी में बीजेपी की चलाई जा रही लूट के खिलाफ लड़ाई लड़ी. इसके लिए राजूभाई को आम आदमी पार्टी और किसानों का समर्थन भी मिला. इससे बीजेपी डरी हुई थी, जिसके बाद बीजेपी को किसानों के लिए 10,000 करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी पड़ी थी.
गढ़वी ने दावा किया कि किसानों को आम आदमी पार्टी से बहुत उम्मीदें हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी हमेशा विपक्ष के नेताओं को तोड़ने और परेशान करने की कोशिश पैंतरे आजमाती रहती है.
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2021-22 में आम आदमी पार्टी का हिस्सा बने थे करपडा
बता दें कि राजू करपडा साल 2021-22 में आम आदमी पार्टी से जुड़े थे. सौराष्ट्र में वो पार्टी के बड़े किसान नेता के रूप में उभरे थे. इसके बाद AAP ने उन्हें किसान संगठन का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया था.