आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इशुदान गढ़वी ने बीजेपी द्वारा आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की मुहिम पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हाल ही में अहमदाबाद के निकोल में आए थे, उस समय जिस कार में उन्होंने यात्रा की वह विदेशी थी. साथ ही उन्होंने सुजुकी के प्लांट का दौरा किया, जो विदेशी कंपनी की है. गढ़वी ने सवाल उठाया कि बीजेपी नेता स्विट्जरलैंड की घड़ी, जर्मनी की कार, अमेरिका का फ़ोन और विदेशी विमान-शूट बूट इस्तेमाल करते हैं और आम जनता से स्वदेशी अपनाने की अपील की जा रही है.
इशुदान गढ़वी ने कहा कि सरकार स्वदेशी की नौटंकी बंद करें. उन्होंने जीएसटी लागू होने के 8 साल का आंकड़ा साझा किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि 127 लाख करोड़ रुपये में से 80 लाख करोड़ सीधे गरीबों से वसूले गए, जबकि अमीरों से केवल 4 लाख करोड़ की वसूली हुई. उन्होंने बताया कि साल 2024-25 में जनता से 22.88 लाख करोड़ रुपये टैक्स के रूप में वसूले गए. जीएसटी में हाल ही में की गई कटौती से जनता को अनुमानित 48 हजार करोड़ रुपये की राहत मिलेगी, यानी प्रति माह 157 रुपये प्रति व्यक्ति लाभ.
यह भी पढ़ें: मेक इन इंडिया में 'मेक फॉर द वर्ल्ड' की शुरुआत है... मारुति सुजुकी EV यूनिट के उद्घाटन पर बोले PM मोदी
गढ़वी ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में स्वदेशी को बढ़ावा देना चाहती है तो पहले पीएम और बीजेपी नेताओं को खुद स्वदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल करना चाहिए, उसके बाद जनता से ऐसा करने की अपील करनी चाहिए. उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के उपवास का उदाहरण देते हुए कहा कि शास्त्री ने पहले खुद उपवास किया और फिर देश को अनाज इम्पोर्ट कम करने का संदेश दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने देशवासियों के लिए कुछ नहीं किया, बल्कि केवल लोकप्रियता बनाए रखने के लिए जीएसटी में कटौती की.
उन्होंने कहा कि देश में कपास और अन्य कृषि उत्पादों का आयात बढ़ा है, जिससे किसानों की आय कम हुई और महंगाई बढ़ी है. पाकिस्तान के साथ युद्ध और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं में प्रधानमंत्री की लोकप्रियता घट गई है. गढ़वी ने आरोप लगाया कि पीएम ने पाकिस्तान के मामले में विदेशी दबाव में आकर निर्णायक कार्रवाई नहीं की.
स्वदेशी मुहिम केवल जनता को गुमराह करने की नीति
इशुदान गढ़वी ने निष्कर्ष निकाला और कहा कि बीजेपी की स्वदेशी मुहिम केवल जनता को गुमराह करने की नीति है. उन्होंने कहा कि सरकार पहले जनता से वसूले गए पैसे लौटाए और देश के गरीबों की हालत सुधारने पर ध्यान दे. इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वदेशी अपनाने की अपील तभी मान्य होगी, जब नेता स्वयं इसका पालन करेंगे.