दिल्ली में यमुना है या फिर यमुना में दिल्ली, आज फर्क कर पाना मश्किल हैं. दिल्ली के कुछ इलाकों में अब लोगों को नाव से चलना पड़ रहा है तो कुछ इलाकों में सैलाब के साथ लोग रहने को मजबूर है. आज तक संवाददाता ऐश्वर्या पालीवाल दिल्ली के उस इलाके में पहुंची जहां लोग अब नाव से चलने को मजबूर है तो पंकज जैन उस बस्ती में पहुंचे जहां बिना बिजली, बिना राशन के लोग डूबे हुए घर में रहने को विवश है.