पाकिस्तान से आए अनुसूचित जाति के लोगों को नागरिकता मिलने के बावजूद उचित पुनर्वास न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. जस्टिस सुन्दरेश और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि यदि सरकार ने नागरिकता प्रदान कर दी है तो उन्हें गरिमापूर्ण रहने का उचित स्थान भी दिया जाना चाहिए. इस मामले में वकील विष्णु शंकर जैन ने आदेश की बारीकियों को विस्तार से समझाया है. इससे संबंधित यह टिप्पणी नागरिकता मिलने के बाद सामाजिक और आवासीय पुनर्वास की आवश्यकता को दर्शाती है और सरकारों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है.