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संदीप कुमार को लेकर ट्व‍िटर पर भिड़े AAP नेता आशुतोष और प्रशांत भूषण

संदीप कुमार सेक्स स्कैंडल में घिरी आम आदमी पार्टी पर पुराने साथी भी जमकर निशाना साध रहे हैं. मंगलवार की शाम ट्विटर युद्ध का मैदान बन गया, जहां प्रशांत भूषण और आप प्रवक्ता आशुतोष भिड़ते नजर आए.

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प्रशांत भूषण और आशुतोष
प्रशांत भूषण और आशुतोष

संदीप कुमार सेक्स स्कैंडल में घिरी आम आदमी पार्टी पर पुराने साथी भी जमकर निशाना साध रहे हैं. मंगलवार की शाम ट्विटर युद्ध का मैदान बन गया, जहां प्रशांत भूषण और आप प्रवक्ता आशुतोष भिड़ते नजर आए. भूषण ने ट्वीट कर 2015 की नेशनल काउंसिल की बैठक का जिक्र किया और लिखा कि उम्मीदवारों पर सवाल उठाने पर अरविंद केजरीवाल एक तरफ हमें गाली दे रहे थे तो दूसरी तरफ असीम, संदीप और तोमर को हीरा बता रहे थे.'

आशुतोष ने किया प्रशांत भूषण पर पलटवार
इस ट्वीट के महज 3 मिनट के अंदर ब्लॉग लिखकर विवादों में घिरे ने भूषण को ट्वीट से ही जवाब देकर पूछा- 'सर आपने अभी तक जवाब नहीं दिया कि क्या 2013 में आपने संदीप की उम्मीदवारी का समर्थन किया था?

बचाव की मुद्रा में AAP
में आम आदमी पार्टी बुरी तरह उलझ गई है. मुसीबत तब बढ़ गई, जब अन्ना हजारे ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से नाराजगी जताई और पार्टी में शामिल लोगों के आचरण पर ऐतराज किया. फिलहाल आम आदमी पार्टी बचाव में उतर आई है और अन्ना हजारे की बात को आशीर्वाद बता रही है.

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दिलीप पांडे बोले- अन्ना का बयान हमारे लिए आशीर्वाद
पर जब आज तक ने आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता दिलीप पांडे से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा, 'अन्ना जी हमारे पिता बराबर हैं. अन्ना जी का निर्देश जब-जब मिला है, हमने उसका अनुकरण किया है. हमारा कद इतना बड़ा नहीं है कि उनके ऊपर टिप्पणी कर सकें. उनका दुख, उनकी टिप्पणी हमारे लिए आशीर्वाद है.'

आम आदमी पार्टी दावा करती है कि वो अपने किसी भी उम्मीदवार की पुख्ता जांच करने के बाद ही उसे पार्टी का हिस्सा बनाती है. लेकिन हाल ही में कई ऐसे मामले से सामने आए, जो इन दावों की पोल खोलते हैं. दिलीप पांडे के मुताबिक 'उम्मीदवारों के जांच की पुरानी परंपरा है. भ्रष्टाचार, चरित्र और अपराध के मापदंड पर जांच करते हैं. लेकिन हम मानते हैं कि ये आखिरी सत्य नहीं है. आखि‍री वक्त तक उम्मीदवार के खिलाफ कोई भी सबूत आएगा, तो हम जांच करेंगे.'

फिलहाल आम आदमी पार्टी के लिए विवादों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. ऊपर से डबल मुसीबत वो विधायक है जो पार्टी के नेताओं के खिलाफ ही गंभीर आरोप लगा रहे हैं.

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