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फैज-ए-इलाही मस्जिद का पूरा विवाद, बुलडोजर एक्शन से लेकर तुर्कमान गेट बवाल तक परत-दर-परत कहानी

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हुई हिंसा के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है. कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने के दौरान पत्थरबाजी हुई थी. अब इस मामले में पुलिस ने 30 पत्थरबाजों की पहचान कर ली है. फिलहाल इलाका शांत है.

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तुर्कमान गेट इलाके में हिंसा के बाद भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती (Photo: PTI)
तुर्कमान गेट इलाके में हिंसा के बाद भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती (Photo: PTI)

12 नवंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट की एक बेंच ने एक ऑर्डर पास किया. इस ऑर्डर में कोर्ट ने MCD और PWD को कहा कि तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान में जो अवैध कब्जे हैं, उन्हें हटाओ.

कितना इलाका था? करीब 38,940 स्क्वायर फीट. इस इलाके में क्या-क्या था? सड़क का कुछ हिस्सा, एक फुटपाथ, एक बारात घर, एक पार्किंग की जगह और एक प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर. कोर्ट ने इन सब को हटाने के लिए तीन महीने का समय दिया.

MCD ने क्या किया? उन्होंने सबको मौका दिया अपनी बात रखने का. 24 नवंबर और 16 दिसंबर 2025 को पर्सनल हियरिंग रखी गई. इसमें सैयद फैज-ए-इलाही मस्जिद की मैनेजमेंट कमेटी, दिल्ली वक्फ बोर्ड, DDA, L&DO और रेवेन्यू डिपार्टमेंट के लोग आए.

कोर्ट के आदेश के बाद MCD ने 22 दिसंबर को फैसला लिया कि अब अतिक्रमण हटाना है. और फिर 7 जनवरी 2026 की आधी रात से एक्शन शुरू कर दिया गया.

अब दूसरी तरफ, मस्जिद की मैनेजमेंट कमेटी ने इस आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में पेटिशन डाल दी थी. कोर्ट ने MCD, DDA, शहरी विकास मंत्रालय, L&DO और दिल्ली वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी किया है और उनसे 4 हफ्ते में हलफनामा मांगा है. इस मामले में अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होनी है.

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हिंसा के दौरान क्या-क्या हुआ?

6-7 जनवरी की देर रात जब MCD ने 17 बुलडोज़र लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, तब इलाके में भारी तनाव हो गया.

हालात तब और खराब हुए जब 2000 से ज्यादा लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई. इन लोगों ने पहले नारे लगाए और फिर पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू हो गई. पुलिस ने 30 पत्थरबाजों की पहचान की, इनमें से कई लोगों ने मास्क लगाए हुए थे या तौलिए से अपना चेहरा ढका हुआ था.

इस पत्थरबाजी में कम से कम 5 पुलिसवाले घायल हुए. इनके नाम हैं - हेड कांस्टेबल जय सिंह, कांस्टेबल विक्रम, कांस्टेबल रवींद्र, कांस्टेबल संदीप और एक SHO. कांस्टेबल विक्रम के सिर पर चोट लगी.

यह भी पढ़ें: मस्जिद के पास का बारात घर, डिस्पेंसरी, कई दुकानें... दिल्ली में आधी रात हुए बुलडोजर एक्शन में क्या-क्या टूटा?

जब स्थिति बेकाबू हो गई, तो पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने हालात को काबू में लाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. खात बात रही कि राजधानी दिल्ली में पहली बार इस स्तर पर 4 से 5 दर्जन आंसू गैस के गोले छोड़े गए.

नेताओं ने क्या कहा?

AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पूरी जमीन वक्फ की प्रॉपर्टी है और वक्फ को नुकसान हुआ है. उनका कहना था कि कोर्ट ने सर्वे कराने का आदेश दिया था, लेकिन इस मामले में वक्फ को पार्टी ही नहीं बनाया गया. 

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ओवैसी ने कहा कि दिल्ली वक्फ बोर्ड को इस केस में पार्टी बनना चाहिए था और वक्फ से जुड़ी गजट नोटिफिकेशन को कोर्ट के सामने रखना चाहिए था. उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड और मैनेजमेंट कमेटी से मांग की कि सुप्रीम कोर्ट में जाओ और स्टेटस क्वो के लिए कोर्ट से आदेश लो.

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मस्जिद बरकरार है और किसी भी तरह का कोई नुक़सान नहीं पहुंचा है. हालांकि, ये सामाजिक मामला था इसलिए एक्शन लेने के पहले बातचीत करनी चाहिए थी. इस कड़ाके की ठंड में किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए था, इस बारे में पहले ही विचार करने की जरूरत थी.

केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने दिल्ली के तुर्कमान गेट के पास हुई डेमोलिशन ड्राइव को गंभीर चिंता का विषय और आपातकाल की भयानक त्रासदियों की एक कड़वी याद बताया.

पुलिस ने अब तक क्या-क्या कार्रवाई की?

दिल्ली पुलिस ने चांदनी महल पुलिस स्टेशन में कांस्टेबल संदीप के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. ये FIR दंगा करने, सरकारी कर्मचारी पर हमला करने और सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने से जुड़ी धाराओं के तहत दर्ज की गई है.

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सेंट्रल दिल्ली के कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने बताया कि इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और केस को सेंट्रल दिल्ली की ऑपरेशंस यूनिट में ट्रांसफर कर दिया गया है. कुल मिलाकर 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बना दी है. अब तक करीब 50 संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है.

अलग-अलग टीमों को अलग-अलग काम दिए गए हैं. एक टीम पत्थर फेंकने वालों की पहचान करने और गिरफ्तार करने पर काम कर रही है. वहीं दूसरी टीम सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, पोस्ट और भड़काऊ कंटेंट की जांच कर रही है.

पुलिस CCTV फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की मदद से उपद्रवियों की पहचान कर रही है. इलाके में अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है और हालात पूरी तरह कंट्रोल में बताए जा रहे हैं.

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