पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, डीजल की कीमत अपने उच्चतम स्तर 60 रूपये के पार पहुंच गई है. दिल्ली में गुरुवार को डीजल की कीमत 60.99 रुपये प्रति लीटर थी. वहीं पेट्रोल 70 रूपए के पार है.
आजतक से बात करते हुए एनर्जी और ऑयल एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा ने कहा कि भारत में तेल 80 फीसदी आयात होता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, वहीं सऊदी अरब और रूस में तेल का उत्पादन घटा है. वहां के देश ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं ऐसे में जानबूझकर कच्चे तेल के उत्पादन में कमी की गई है.
इसी कमी की वजह से तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल पहुच गई, वहीं इस साल एवरेज 70 से 80 डॉलर प्रति बैरल ही रहने वाला है, यानि वहां से राहत नहीं मिलने वाली. यहां अगर टैक्स कम किया जाए तो राहत मिलेगी.
जीएसटी में आएगा पेट्रोल-डीजल!
गौरतलब है कि 18 जनवरी को जीएसटी काउंसिल की बैठक होनी है. चर्चा है कि इस बैठक में ही पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में शामिल किए जाने का प्रस्ताव लाया जा सकता है. हालांकि नरेंद्र तनेजा का कहना है कि यह इतना आसान भी नहीं है, क्योंकि कई ऐसे राज्य हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा पेट्रोल और डीजल के टैक्स से ही आता है.
ऐसे में अगर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में लाया जाएगा, तो उनकी कमाई में बड़ी कटौती होगी जिसका केंद्र सरकार को कहीं दूसरी जगह से इंतजाम करना होगा. हालांकि, नरेंद्र तनेजा कहते हैं कि अगर पेट्रोल और डीजल के अंतर्गत आएंगे तो आम जनता को प्रति लीटर 10 से 15 रुपये की राहत मिल सकती है.
महंगाई बढ़ने वाली है
डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के साथ ही अब महंगाई में भी बढ़ोतरी हो सकती है. दिल्ली में रहने वाले ट्रांसपोर्टर राजेंद्र कपूर कहते हैं कि अब उनके ट्रांसपोर्ट के माल ढुलाई में खर्च बढ़ गया है. डीजल की कीमतें बढ़ते ही हर तरफ इसका असर दिख जाएगा. आने वाले कुछ दिनों में सब्जियों से लेकर दूसरी रोजमर्रा की जरूरत वाली चीजों में दाम बढ सकते है.