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संसद के बजट सत्र की शुरुआत, राष्ट्रपति मुर्मू ने विरासत और विकास का दिया संदेश

संसद के बजट सत्र की बुधवार से शुरुआत हो गई. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सदन के संयुक्त सत्र को संबोधित किया और विरासत से लेकर विकास का संदेश दिया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इस बीच विपक्ष ने मनरेगा, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है.

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया.

संसद के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. राष्ट्रपति के संसद पहुंचते ही उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इस दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उनका स्वागत किया.

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में देश की विरासत, इतिहास और सांस्कृतिक एकता को याद किया. उन्होंने कहा कि देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया. वहीं, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और आदिवासी समाज के लिए उनके योगदान को याद किया.

राष्ट्रपति ने कहा कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत किया. उन्होंने कहा कि भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती के आयोजन ने पूरे देश को संगीत और एकता के सूत्र में बांध दिया.

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है. यही प्रेरणा विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को और तेज़ करती है.

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अपने भाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि संसद के इस सत्र को संबोधित करते हुए उन्हें बेहद प्रसन्नता हो रही है. उन्होंने कहा कि बीता साल भारत की तेज़ प्रगति और समृद्ध विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा.

राष्ट्रपति ने बताया कि देशभर में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि देशवासी इस महान रचना के लिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति नमन कर रहे हैं.

उन्होंने संसद के सभी सांसदों को बधाई दी कि संसद में वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा की गई, जो देश की सांस्कृतिक चेतना को और मजबूत करती है.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संसद पहुंचे. बजट सत्र के दौरान सरकार की प्राथमिकताएं, आर्थिक दिशा और आने वाले समय की नीतियों की झलक राष्ट्रपति के अभिभाषण में देखने को मिली.

यह सत्र दो चरणों में होगा, जो 2 अप्रैल तक चलेगा, इसमें कुल 30 बैठकें होंगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा और दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल को खत्म होगा. 

बजट सत्र के लिए रणनीति बनाने के लिए आज सुबह 10 बजे विपक्षी पार्टियों की बैठक होगी. सत्र के बेहतर ढंग से संचालन के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई है. 

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वहीं, कांग्रेस पार्टी ने सोनिया गांधी की अध्यक्षता में अपनी संसदीय रणनीति समूह की बैठक कर मनरेगा, विशेष गहन संशोधन (SIR) और पर्यावरणीय मुद्दों को उठाने का फैसला लिया है. इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी भी शामिल हुए. 

दो चरणों में चलेगा 30 बैठकों का सत्र

बजट सत्र की रूपरेखा काफी लंबी है. पहले चरण में 13 फरवरी तक राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर चर्चा की जाएगी. इसके बाद एक अंतराल (ब्रेक) होगा. सदन की कार्यवाही दोबारा 9 मार्च को शुरू होगी और 2 अप्रैल तक चलेगी. रविवार होने के बावजूद 1 फरवरी को बजट पेश करने की स्पेशल तैयारी की गई है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं.

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विपक्ष ने तैयार किया मुद्दों का पिटारा

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने की तैयारी में हैं. सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक के बाद सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि उनके लिए मनरेगा (MGNREGA) सबसे बड़ा मुद्दा है. इसके अलावा विपक्ष लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, विदेश नीति और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार विधेयक से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग करेगा. विशेष गहन संशोधन (SIR) की कवायद और पर्यावरण से जुड़े संकट भी सदन में गूंजेंगे.

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सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक

सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की. इसमें संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेता जयराम रमेश सहित कई दलों के नेता मौजूद रहे. सरकार की कोशिश है कि दोनों सदनों की कार्यवाही बिना किसी बड़े गतिरोध के चले. विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बुधवार सुबह एक अलग मीटिंग बुलाई है, जिससे सदन के अंदर एक संयुक्त रणनीति के तहत सरकार को चुनौती दी जा सके.

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