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मनीष सिसोदिया के घर पहुंची CBI की टीम, AAP ने लगाया- छापेमारी का आरोप

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर सीबीआई कुछ पूछताछ करने पहुंची है.

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मनीष सिसोदिया के घर पहुंची CBI
मनीष सिसोदिया के घर पहुंची CBI

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर सीबीआई कुछ पूछताछ करने पहुंची है. कहा जा रहा है कि सीबीआई टॉक टू एके मामले को लेकर पूछताछ कर रही है. वहीं सीबीआई के पहुंचने के बाद आप नेताओं ने इसे छापेमारी बताया है.आपको बता दें कि दिल्ली सरकार के विजिलेंस डिपार्टमेंट ने LG को शिकायत की थी, बिना उचित टेंडर प्रक्रिया किए दिल्ली सरकार ने टॉक टू एके प्रोगाम का प्रमोशन एक विशेष कंपनी को दिया था. जिसके बाद एलजी ने इसे सीबीआई को रेफर किया था.

इससे पहले इसी साल 18 जनवरी को CBI ने इस केस में प्राथमिकी शिकायत दर्ज की थी, सीबीआई इसी मामले में पूछताछ के लिए पहुंची थी. हालांकि अभी इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है.

मनीष सिसोदिया के सलाहकार अरुंदोय प्रकाश ने ट्वीट कर कहा कि एक ओर जहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अस्पतालों की जांच कर ररहे हैं, वहीं दूसरी ओर सीबीआई ने उपमुख्यमंत्री के घर रेड मार दी है. इससे पहले भी केजरीवाल के घर छापेमारी की गई थी. लेकिन अगर केंद्र को लगता है कि ऐसा करने से मनीष सिसोदिया डर जाएंगे, तो यह बिल्कुल गलत है.



वहीं दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने आज तक से खास बातचीत करते हुए कहा कि अभी मनीष सिसोदिया पर और भी कई मामलों में CBI शिकंजा कस सकती है. आपको देखना होगा.

क्या है टॉक टू एके?
आपको बता दें कि टॉक टू एके एक इवेंट था, जो कि दिल्ली सरकार की ओर से चलाया गया था. इस इवेंट के जरिए केजरीवाल और उनकी सरकार ने उन राज्यों में अपना प्रचार किया था जहां हाल ही में चुनाव हुए थे. आरोप ये भी है कि दिल्ली सरकार ने टाक टू एके इवेंट के जरिए चुनावी राज्यों में अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा किया था और चुनावी हित साधने के लिए दिल्ली की जनता के टैक्स के पैसे को अपने प्रचार पर लुटाने की योजना बनाई थी.

आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी पहले से ही सीबीआई की रडार पर है. इससे पहले भी 'टॉक टू एके' कैंपेन में नियमों के उल्लंघन और अनियमितताओं के आरोप में सीबीआई सिसोदिया के खिलाफ जांच कर चुकी है. इसको लेकर पहले ही अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी केंद्र सरकार पर हमला कर चुकी है.

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गौरतलब है कि सीबीआई इससे पहले भी राजेन्द्र कुमार सहित आठ अन्य लोगों और इंडीवर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कथित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी एवं फर्जीवाड़े के मामले में आईपीसी की धारा तथा भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत आरोपपत्र दायर किया था.

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