दिल्ली में जज अमन शर्मा की आत्महत्या के मामले में आए दिन नए खुलासे हो रहे है. एक तरफ इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. वहीं दूसरी ओर लोगों के जहन में केवल एक सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जो लोगों को न्याय देने वाला व्यक्ति खुद को न्याय नहीं दे पाया और मौत को गले लगा लिया. इस मामले में अमन के पिता ने कई बड़े खुलासे किए है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अमन व उसकी पत्नी स्वामी के सभी डिवाइस सीज कर दी है.
मैं चिल्लाता रहा, उसने एक न सुनी
पिता ने कहा कि बहू स्वाति से मुझे ऐसी उम्मीद नहीं थी. मुझे नहीं पता था कि वो इतनी निर्दयी हो सकती है. मैं चिल्लाता रहा और उसने मेरी नहीं सुनी और बच्चों को लेकर घर से चली गई. उससे चार कदम की दूरी पर अमन ने उसी के चुनरी से फांसी लगा ली. लेकिन स्वाति के मुंह से एक शब्द नहीं निकाला और उसने अमन को नहीं रोका. पिता ने बताया कि अमन पढ़ाई में हमेशा टॉपर रहे. पुणे के सिम्बिओसिस कॉलेज से उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई की. उसके बाद एलएलएम दिल्ली से किया. पहले ही चांस में उनका सिलेक्शन हो गया. दिल्ली न्यायालय में उन्होंने कई बड़े अहम पदों पर अपनी जिम्मेदारियां निभाई.
दिल्ली के सफदरजंग इलाके में जज अमन शर्मा की आत्महत्या के मामले में पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अमन के पिता प्रेम कुमार शर्मा उनकी बहन सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए हैं. साथ ही इस मामले में अमन का मोबाइल फोन व लैपटॉप सहित अन्य घर के सभी डिवाइस को जब्त कर लिए है. अमन के पिता प्रेम कुमार शर्मा ने आज तक से बातचीत में बताया कि अमन पढ़ाई में शुरू से ही इंटेलिजेंट था और हमेशा टॉप रहा. अलवर के अलवर पब्लिक स्कूल से उसने अपनी स्कूलिंग की पढ़ाई की. उसके बाद पुणे के सिम्बिओसिस कॉलेज से उसने एलएलबी किया. फिर एलएलएम दिल्ली से की.
पहले ही प्रयास में जज बना थे अमन
पहले ही प्रयास में वो जज बन गया और वो इतना ब्रिलिएंट था कि दिल्ली के न्यायालय में उसको कई बड़ी जिम्मेदारियां मिली. उसने उन जिम्मेदारियां को निभाया. वो हमेशा सभी के साथ घुलमिल कर रहता था. उसका व्यवहार बहुत अच्छा था. पिता ने कहा कि अमन ने स्वामी से शादी अपनी मर्जी से की थी. उसकी लव मैरिज थी. इसलिए वो दोनों के बीच चल रहे विवाद के बारे में किसी को नहीं बता पाया व अंदर ही अंदर घुटता रहा. उन्होंने कहा कि वो सबसे ज्यादा अपनी बहन से बातचीत किया करता था. लेकिन उसकी बात बताने के बाद वो कहता था कि इसके बारे में मम्मी पापा को मत बताना, नहीं तो तू मेरा मरा मुंह देखेगी. इसलिए डर के कारण वो भी घर पर कुछ नहीं बताती थी.
प्रेम कुमार शर्मा ने कहा कि तीन-चार महीने से स्वाति व अमन के बीच कुछ चल रहा था. अमन परिवार से थोड़ा कटने लगा था. वह परिवार से बातचीत कम करता था. स्वाति और उसकी बहन ने अमन को इस कदर परेशान कर रखा था कि वो अंदर ही अंदर घुटता रहा. उन्होंने कहा कि उनको उम्मीद नहीं थी कि स्वाति इतनी निर्दयी हो सकती है कि उसके पति ने उसकी ही चुन्नी लेकर चार कदम दूरी पर आत्महत्या की और वो कुछ नहीं बोली व चुपचाप देखती रही. जब अमन की सांसे रुक गई तो वो कमरे से बाहर निकाल कर आई.
अगर वो बताती तो मैं बेटे को बचा लेता
अगर वो समय रहते कमरे से बाहर आती और मुझे बताती तो मैं मेरे बेटे को बचा सकता था. पिता ने कहा कि मुझे सबसे बड़ा दुख यह है कि मैं घर पर मौजूद था और मेरे सामने ही मेरे बेटे ने आत्महत्या कर ली और मैं उसे बचा नहीं पाया. इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है. परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है. छोटा बेटा मानसिक रूप से कमजोर है.
अमन की बहन की शादी हो गई थी, वो अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती है. पिता ने कहा कि वो अमन के घर कम जाते थे. शादी के बाद तीन से चार बार वो अमन के घर गए हैं और वो भी कुछ घंटे के लिए. बीते 4 महीने से अचानक स्वाति के व्यवहार में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला. उसका क्या कारण था, इस बारे में परिवार को कोई जानकारी नहीं है.