दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया. इस हादसे में अब तक 21 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें 12 विदेशी नागरिक और 9 भारतीय शामिल हैं. घटना के बाद दिल्ली सरकार ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय संयुक्त समिति का गठन किया है. यह समिति आज से राजधानी में संचालित अवैध होटलों के खिलाफ व्यापक अभियान और जांच कार्रवाई शुरू करेगी.
एमसीडी की तेजी और एक्शन का डर इलाके में साफ दिखने लगा है. तमाम होटलों ने जांच के डर से इमारत से बोर्ड हटा दिए हैं और शटर गिरा दिए हैं. कई होटलों में ताले लगा दिए गए हैं. ये इसलिए भी मालूम पड़ रहा है क्योंकि कई विदेश हाथ में सामान लिए होटल की तलाश में घूमते दिख रहे हैं.
बता दें कि अग्निकांड के बाद मालवीय नगर क्षेत्र में फिलहाल 18 ऐसी संपत्तियों की पहचान की गई है, जिनकी सबसे पहले जांच की जाएगी. अधिकारियों का विशेष फोकस उन भवनों पर रहेगा, जहां होटल या गेस्ट हाउस के नाम पर निर्धारित क्षमता से अधिक कमरे संचालित किए जा रहे हैं या फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है. यह अभियान केवल मालवीय नगर तक सीमित नहीं होगा, बल्कि दिल्ली के अन्य इलाकों में भी बी एंड बी (बेड एंड ब्रेकफास्ट) लाइसेंस के तहत चल रही संपत्तियों की जांच की जाएगी. राजधानी में इस श्रेणी की लगभग 702 संपत्तियां पंजीकृत हैं. सरकार यह भी परखेगी कि लाइसेंस मिलने के बाद इन परिसरों में नियमों का पालन किया गया या नहीं.
गौरतलब है कि यह भीषण हादसा बुधवार सुबह हुआ था. दिल्ली पुलिस को सुबह 8:48 बजे आग लगने की पहली सूचना मिली. इसके बाद फायर विभाग को 8:50 बजे, 8:55 बजे और 9:16 बजे लगातार तीन कॉल प्राप्त हुईं. सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंच गए. पुलिस के अनुसार विभिन्न एजेंसियों के संयुक्त अभियान के दौरान 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.