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दिल्ली में प्रचंड गर्मी! रेखा गुप्ता सरकार ने स्कूलों से मांगी सेफ्टी रिपोर्ट, डेडलाइन भी दी

दिल्ली में बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्कूलों को हीटवेव से बचाव के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. स्कूलों को सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने, वॉटर बेल सिस्टम लागू करने और जागरूकता कक्षाएं आयोजित करने के लिए कहा गया है.

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डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए स्कूलों में वॉटर बेल सिस्टम लागू किया जाएगा. (Photo: PTI)
डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए स्कूलों में वॉटर बेल सिस्टम लागू किया जाएगा. (Photo: PTI)

दिल्ली में तापमान में बढ़ोतरी की आशंका के बीच, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्कूलों में हीटवेव से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए नए निर्देश जारी कर दिए हैं. यह कदम भारतीय मौसम विभाग (IMD) की येलो अलर्ट के बाद उठाया गया है, जिसमें राजधानी में भीषण गर्मी की आशंका जताई गई है. 

CM रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए कहा कि सभी स्कूलों (सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी) को 2 मई तक शिक्षा निदेशालय को कंप्लायंस रिपोर्ट सौंपनी होगी. इस रिपोर्ट में यह सुनिश्चित करना होगा कि भारतीय मौसम विभाग की ओर से जारी हीटवेव सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है.

वॉटर बेल सिस्टम लागू

नए निर्देशों के तहत स्कूलों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. इसमें सुरक्षित पीने के पानी की लगातार उपलब्धता और हीट से जुड़ी सावधानियों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति शामिल है. 

स्कूलों को अपनी रोजाना की टाइम-टेबल में बदलाव करने के लिए भी कहा गया है, ताकि बच्चों को कम से कम गर्मी का सामना करना पड़े. आउटडोर असेंबली को घटाने या इनडोर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, हीटवेव के चलते बाहर होने वाली शैक्षणिक और शारीरिक गतिविधियां फिलहाल रोक दी गई हैं.

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इसके अलावा, छात्रों में डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए वॉटर बेल सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत हर 45 से 60 मिनट में पानी पीने के लिए नियमित ब्रेक दिए जाएंगे.

 

माता-पिता को भी दी जाएगी जानकारी

स्कूलों में बच्चों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया है. इसके तहत छोटी-छोटी जागरूकता कक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें बच्चों को हीट से जुड़ी समस्याओं के शुरुआती लक्षण पहचानने और बेसिक फर्स्ट-एड के बारे में जानकारी दी जाएगी.

निगरानी बेहतर करने के लिए बडी सिस्टम शुरू किया गया है. इसमें बच्चों का जोड़ा बनाया जाएगा, ताकि वे एक-दूसरे में थकान या पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के संकेत पहचान सकें.

इसके अलावा, स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर दिन की हीट से जुड़ी जानकारी (एडवाइजरी) व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से माता-पिता तक पहुंचाएं. साथ ही, स्कूल के गलियारों और क्लासरूम जैसी जगहों पर आवश्यक सावधानी संबंधी सामग्री (Precautionary Material) उपलब्ध रखें.

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