दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने बुधवार को साल 2020 के दिल्ली दंगों के आरोपी शिफा उर रहमान, मीरान हैदर, मोहम्मद सलीम खान और गुलफिशा फातिमा की रिहाई के आदेश जारी किए. सुप्रीम कोर्ट द्वारा सोमवार को जमानत दिए जाने के बाद गुलफिशा फातिमा, शिफा उर रहमान और मीरान हैदर बुधवार रात तिहाड़ जेल से बाहर आए, जबकि मोहम्मद सलीम खान मंडोली जेल से रिहा हुए.

एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी ने आरोपियों द्वारा जमा किए गए 2-2 लाख रुपये के बेल बॉन्ड और स्थानीय जमानती दस्तावेजों को स्वीकार किया. दिल्ली पुलिस द्वारा दस्तावेजों के वेरिफिकेशन की वजह से इनकी रिहाई में एक दिन की देरी हुई.
पांचवें आरोपी शादाब अहमद जमानत मिलने के बावजूद बॉन्ड भरने के लिए कोर्ट में पेश नहीं हुए.

जेल के बाहर भावुक लम्हा
जेल से रिहा होने के बाद गुलफिशा फातिमा का उनके रिश्तेदारों ने फूलों की मालाओं और मिठाइयों के साथ स्वागत किया. लंबे वक्त बाद अपनों को देख घर वाले भावुक हो गए और उन्हें गले लगा लिया. जेल अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अदालती आदेश मिलने के कुछ घंटों के अंदर ही चारों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए बाहर भेज दिया गया.
जमानत के साथ जुड़ी कड़ी शर्तें
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते वक्त 11 कड़ी शर्तें लागू की हैं. सभी आरोपियों को अपने पासपोर्ट सरेंडर करने होंगे और वे कोर्ट की अनुमति के बिना दिल्ली (NCT) की सीमा से बाहर नहीं जा सकेंगे. वे इस मामले से जुड़े किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेंगे और न ही किसी ऐसी संस्था की गतिविधियों में शामिल होंगे, जिसका संबंध इस एफआईआर से हो. शर्तों के उल्लंघन पर उनकी जमानत रद्द की जा सकती है.
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समानता के आधार पर नई याचिका
इन रिहाइयों के बीच एक अन्य आरोपी सलीम मलिक उर्फ मुन्ना ने कोर्ट में नई जमानत याचिका दायर की है. उन्होंने दलील दी है कि उन पर मोहम्मद सलीम खान जैसे ही आरोप हैं और वह भी चांद बाग विरोध प्रदर्शन स्थल से जुड़ा एक स्थानीय ऑपरेटर मात्र थे. इसी आधार पर उन्होंने समानता (Parity) की मांग करते हुए जमानत मांगी है. बता दें कि अभी भी इस मामले से जुड़े उमर खालिद और शरजील इमाम सहित सात आरोपी जेल में हैं.
(PTI के इनपुट के साथ)