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दिल्ली दंगा मामला: पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को लगा झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत तीन आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं. इन तीनों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप लगाए गए हैं.

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दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को कोर्ट से नहीं मिली राहत. (File Photo- PTI)
दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को कोर्ट से नहीं मिली राहत. (File Photo- PTI)

दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन, सलीम मलिक और अथर खान की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने तीनों आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक तीनों आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसी मामले में पांच अन्य आरोपियों को जमानत दिए जाने के बाद समानता (पैरिटी) के आधार पर जमानत की मांग की थी. हालांकि, अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया. इन तीनों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप लगाए गए हैं. अभियोजन के मुताबिक, इनकी भूमिका 2020 के दंगों की साजिश में अहम रही है.

अथर खान, जो पहले एक कॉल सेंटर कर्मचारी रह चुका है, पर आरोप है कि वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग इलाके में हुए विरोध प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में से एक था. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार, अथर ने वहां भड़काऊ भाषण दिए और कथित तौर पर गुप्त बैठकों में हिस्सा लिया, जिनमें 'दिल्ली जलाने का समय आ गया है' जैसे बयान दिए गए. उस पर सीसीटीवी कैमरों को नष्ट कराने में समन्वय करने का भी आरोप है.

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वहीं सलीम मलिक पर भी आरोप है कि वह CAA-NRC विरोधी बैठकों के 11 कथित आयोजकों और वक्ताओं में शामिल था. पुलिस के अनुसार, इन आयोजकों में मोहम्मद सलीम खान, सलीम मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन उर्फ गुड्डू भाई, शहनवाज, फुरकान, मोहम्मद अय्यूब, मोहम्मद यूनुस, तबस्सुम, मोहम्मद अयाज और उसका भाई खालिद शामिल थे.

गौरतलब है कि 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में पांच आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दी थी. हालांकि, शीर्ष अदालत ने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और शारजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा था कि उमर खालिद और शारजील इमाम के खिलाफ UAPA के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है और सभी आरोपी एक जैसी स्थिति में नहीं हैं.

इस मामले में कुल 20 आरोपियों के नाम सामने आए थे, जिनमें से दो अब भी फरार हैं. शेष 18 में से कई ने पहले जमानत याचिकाएं दायर की थीं. इनमें से सात आरोपी अब भी जेल में बंद हैं, जिनमें उमर खालिद, शारजील इमाम, अथर खान, सलीम मलिक, पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन, तसलीम अहमद और खालिद सैफी शामिल हैं.

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