
देश का राजधानी दिल्ली में होने जा रही g20 समिट को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी लिमिटेड (DIAL) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम बनाई है. यह टीम दिल्ली आने वाले प्रतिनिधियों के लिए सर्वोत्तम अनुभव सुनिश्चित करने के लिए G20 के आगमन और प्रस्थान संचालन की निगरानी करेगी. टीम एयरपोर्ट क्षेत्र में जानकारीपूर्ण स्टैंडीज़, कटआउट,G20 लोगो, होर्डिंग्स लगवाने के साथ-साथ टर्मिनल के आसपास का सौंदर्यीकरण के लिए काम कर रही है.
DIAL ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम बनाई है जो आने वाले प्रतिनिधियों के लिए सर्वोत्तम अनुभव सुनिश्चित करने के लिए G20 के आगमन और प्रस्थान संचालन की निगरानी करेगी. DIAL पहले से ही अतिथि सुविधा के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए विदेश मंत्रालय (MEA), गृह मंत्रालय (MHA) और दिल्ली सरकार जैसे विभिन्न सरकारी विभागों के साथ काम कर रहा है.
जी20 लोगो: टर्मिनल 3 में अब प्रमुखता से प्रकाशित जी20 शिखर सम्मेलन के लोगो की सुविधा है, जो टर्मिनल के अंदर और बाहर दोनों की दृश्य अपील को बढ़ाता है. शिखर सम्मेलन से संबंधित संदेश टर्मिनल के भीतर MATV सिस्टम पर भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं. जी20 शिखर सम्मेलन के बारे में जानकारी देने के लिए स्टैंडी और कटआउट भी लगाए गए हैं.
टर्मिनल आसपास का सौंदर्यीकरण: DIAL ने टर्मिनलों के आसपास के वातावरण को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं. इसमें नजदीकी मार्गों के किनारे कलात्मक डिजाइनर फव्वारे, मूर्तियां और सजावटी फूलों के गमलों की स्थापना की है. टर्मिनलों को प्रभावशाली होर्डिंग्स से सजाया गया है जो मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं. DIAL के व्यापक प्रयासों का उद्देश्य न केवल G20 प्रतिनिधियों के ठहरने की सुविधा प्रदान करना है, बल्कि पूरे हवाई अड्डे के परिसर में सौंदर्य की दृष्टि से सुखदायक और जानकारीपूर्ण माहौल बनाना भी है.

तीन दिन तक बंद रहेंगे दिल्ली के सभी स्कूल
दिल्ली सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राजधानी में 8 से 10 सितंबर तक यानी तीन दिनों तक सभी स्कूल बंद रहेंगे. इसका मतलब है कि सरकारी स्कूलों के साथ दिल्ली के सभी प्राइवेट स्कूल भी बंद रहेंगे. दरअसल, दिल्ली पुलिस ने जी 20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर 18 अगस्त को सीएम अरविंद केजरीवाल के समक्ष एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें 8 से 10 सितंबर तक राजधानी में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की गई थी. मुख्य सचिव ने यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री केजरीवाल के समक्ष रखा था, जिसे उन्होंने मंजूरी दे दी. इन दिनों में दिल्ली सरकार और एमसीजी के सभी दफ्तर भी बंद रहेंगे.

क्या है G-20?
G-20 का गठन 1999 में हुआ था. तब ये वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों का संगठन हुआ करता था. इसका पहला सम्मेलन दिसंबर 1999 में जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हुआ था. 2008-2009 में दुनिया में भयानक मंदी आई थी. इस मंदी के बाद इस संगठन में बदलाव हुए और इसे शीर्ष नेताओं के संगठन में तब्दील कर दिया गया. 2008 में अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में इसकी समिट हुई थी. 2009 और 2010 में साल में दो बार G-20 समिट का आयोजन होता था. 2009 में लंदन और पिट्सबर्ग में, जबकि 2010 में टोरंटो और सियोल में इसका आयोजन हुआ. 2011 के बाद से ये साल में एक बार ही होती है.
G-20 के सदस्यों में भारत के अलावा अर्जेंटिना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, साउथ अफ्रीका, तुर्की, यूके, अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल हैं. दुनिया की 80 फीसदी जीडीपी और 75 फीसदी कारोबार G-20 के देशों में ही होता है. इतना ही नहीं, दुनिया की दो-तिहाई आबादी भी इन्हीं देशों में रहती है. बता दें कि G-20 का कोई स्थायी अध्यक्ष नहीं है. जिस सदस्य देश के पास इसकी अध्यक्षता होती है, वही समिट का आयोजन करता है. 1 दिसंबर 2022 से भारत के इसका अध्यक्ष है. भारत नवंबर 2023 तक G-20 का अध्यक्ष रहेगा.