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होटल चलाने के लिए पुलिस लाइसेंस जरूरी नहीं? मालवीय नगर अग्निकांड के बाद उठ रहे सवाल

दिल्ली में 2025 से होटलों के लिए पुलिस लाइसेंस नहीं लगता है, लेकिन फायर NOC और सुरक्षा मंजूरियां अब भी जरूरी हैं. अग्निकांड के बाद यही मुद्दा चर्चा में है.

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मालवीय नगर अग्निकांड के बाद होटल लाइसेंस और फायर एनओसी की चर्चा तेज हो गई है. (Photo: PTI)
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद होटल लाइसेंस और फायर एनओसी की चर्चा तेज हो गई है. (Photo: PTI)

दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए अग्निकांड के बाद होटलों-रेस्टोरेंटो से जुड़े नियमों पर चर्चा तेज हो गई है. इसी के साथ ऐसे बिजनेस चलाने के लिए लेने वाली एनओसी भी सुर्खियों में है. 19 जून 2025 को दिल्ली के उपराज्यपाल ने एक बड़ा फैसला लिया था. इस फैसले के तहत होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, स्विमिंग पूल, डिस्कोथेक, वीडियो गेम पार्लर, अम्यूजमेंट पार्क और ऑडिटोरियम जैसे 7 कारोबारों के लिए दिल्ली पुलिस से लाइसेंस या एनओसी लेने की व्यवस्था खत्म कर दी गई थी.

19 जून 2025 तक होटलों के लिए दिल्ली पुलिस का लाइसेंस जरूरी हुआ करता था, लेकिन बाद में यह व्यवस्था खत्म कर दी गई. हालांकि, फायर एनओसी और अन्य सुरक्षा मंजूरियां तब भी अनिवार्य थीं और आज भी हैं.

इस मामले में यह समझना जरूरी है कि दिल्ली पुलिस का होटल लाइसेंस जरूरी नहीं है लेकिन फायर NOC और सुरक्षा मंजूरियां अनिवार्य हैं. हौजरानी अग्निकांड में जांच का फोकस इन्हीं सुरक्षा खामियों पर है.

2025 में क्या बात कही गई थी?

आदेश में कहा गया था कि इन कारोबारों को पहले से ही नगर निगम और अन्य स्थानीय निकाय नियंत्रित करते हैं. ऐसे में पुलिस की अलग लाइसेंस व्यवस्था कारोबारियों के लिए अतिरिक्त बोझ बन रही थी.

फैसले के पीछे यह तर्क दिया गया था कि दिल्ली पुलिस को लाइसेंस जारी करने के काम से मुक्त कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसे अपने मुख्य कार्यों पर ज्यादा ध्यान देने का मौका मिलेगा.

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दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की पुरानी टिप्पणियों का भी हवाला दिया गया था, जिनमें कहा गया था कि पुलिस का मुख्य काम कानून-व्यवस्था संभालना है, न कि व्यापारिक लाइसेंस जारी करना. इस फैसले के बाद इन सात श्रेणियों के कारोबारों के लिए दिल्ली पुलिस के लाइसेंस संबंधी नियमों को खत्म करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी.

जांच करेगी एक्सपर्ट टीम

अग्निकांड मामले में होटल की फॉरेंसिक जांच के लिए FSL के एक्सपर्ट की टीम आज यानी गुरुवार को एक बार फिर आएगी. बुधवार को FSL की टीम केवल एक ही फ्लोर पर जांच कर पाई थी. अग्निकांड में मरने वाले लोगों में वो लोग शामिल थे, जो होटल के तीसरे फ्लोर और बेसमेंट में मौजूद थे. कई कमरों में जांच के दौरान दमकल विभाग को इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे और दूसरे उपकरण मिले थे.

दरअसल, जो लोग लंबे वक्त से होटल में रुके हुए थे, वो खाना बनाने के लिए इन उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे थे. सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने के कारण हुई है. यह होटल लवकेश बजाज का था और उसके साथ कोई पार्टनर नहीं था. 

9 विदेशी नागरिकों की हुई पहचान

अग्निकांड में मारे गए 12 विदेशी नागरिकों में से 9 विदेशी नागरिकों की पहचान हो चुकी है. सभी विदेशी नागरिकों के शवों को उनके देश वापस भेजने के लिए दिल्ली पुलिस उनकी लिस्ट विदेश मंत्रालय को भेज दी है. विदेशी नागरिकों की पहचान मौके से मिले पासपोर्ट के आधार पर की गई है. सभी विदेशी नागरिकों की DNA प्रोफाइलिंग पुलिस ने करवा ली है. संबंधित देश की एंबेसी से परमिशन लेकर DNA प्रोफाइलिंग की गई है. 

 
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