
दिल्ली के जंतर मंतर पर शुक्रवार की सुबह एक अनोखा नजारा था. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम के एक नए सोशल मीडिया आंदोलन ने अपना पहला बड़ा विरोध प्रदर्शन किया. NEET-UG पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम में आई गड़बड़ी से परेशान छात्र, उनके मां-बाप, यूट्यूबर्स और तमाम लोग यहां जमा हुए. मांग एक ही थी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा.
CJP के नेता अभिजीत दीपके जब जंतर मंतर पहुंचे तो हालात बिखरे हुए थे. न स्टेज था, न माइक, न कोई व्यवस्था. डिपके जमीन पर बैठ गए और एक छोटे से हैंडहेल्ड अनाउंसमेंट सिस्टम से भीड़ को संबोधित करने की कोशिश की.
इसी बीच जंतर मंतर पर सैकड़ों यूट्यूबर्स और कंटेंट क्रिएटर्स भी जमा थे, हर कोई अपने-अपने कैमरे और फोन लेकर कंटेंट बनाने में लगा था. इससे वहां का माहौल थोड़ा अस्त-व्यस्त भी हो गया.

दोपहर तक एक छोटा अस्थायी स्टेज बन गया. CJP के समर्थकों ने दीपके को कंधे पर उठाकर स्टेज तक पहुंचाया. दीपके के हाथ में बाबासाहेब अंबेडकर की किताब थी. इसके बाद भाषणों का सिलसिला शुरू हुआ. जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी भाषण दिया.
दिल्ली पुलिस का रवैया इस बार नरम था. प्रदर्शनकारियों के साथ शालीनता से पेश आया गया. अनाउंसमेंट अंग्रेजी में की गईं. स्टेज, स्पीकर, बैनर और फ्लेक्स में कोई रोकटोक नहीं हुई. यानी दीपके और उनकी टीम को पहले प्रदर्शन में कोई बड़ी अड़चन नहीं आई.
दीपके ने चेतावनी दी कि अगर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेपर लीक और CBSE-OSM गड़बड़ी पर इस्तीफा नहीं दिया, तो पूरे देश में आंदोलन होगा.
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CBSE का ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम क्या है और इसमें क्या गड़बड़ी हुई?
CBSE ने इस बार 12वीं की कॉपियां जांचने का नया तरीका अपनाया. पहले टीचर सीधे कॉपी पर नंबर देते थे. अब CBSE ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू किया, यानी कॉपियों को स्कैन करके कंप्यूटर स्क्रीन पर टीचरों को दिखाया जाता है और वो स्क्रीन पर ही नंबर देते हैं.
लेकिन इस सिस्टम में बड़ी तकनीकी गड़बड़ियां आईं. कई बच्चों की कॉपियों के कुछ पन्ने स्कैन ही नहीं हुए या सिस्टम में ठीक से नहीं चढ़े. इसका मतलब, टीचर ने वो पन्ने देखे ही नहीं और उन पर नंबर नहीं मिले. यह खास तौर पर उन टीचरों के साथ ज्यादा हुआ जो दूर-दराज के इलाकों से काम कर रहे थे. बड़े पैमाने पर ट्रायल किए बिना यह सिस्टम लागू कर दिया गया.
माहवीर, जो 12वीं पास कर चुके हैं और विदेशी यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए अप्लाई किया है, उनकी कॉपी में से कुछ पन्ने गायब रहे. वो बोले, "अगर मेरे 3-4 नंबर कम हो गए तो मेरी यूनिवर्सिटी की सीट जा सकती है. और सबसे बड़ी बात यह है कि मैं री-इवैल्यूएशन के लिए भी अप्लाई नहीं कर सकता, क्योंकि विदेशी यूनिवर्सिटी में मैंने जो मार्कशीट लगाई है, वो बदल नहीं सकती."
उनकी छोटी बहन सांवी, जो 8वीं क्लास में है, भी साथ आई थीं. उन्होंने कहा, "अगर भैया के साथ यह हो सकता है, तो मुझे भी 10वीं और 12वीं देनी है. हमें अभी से आवाज उठानी होगी." माहवीर के पिता हर्ष ने भी बच्चों के इस प्रदर्शन में आने का समर्थन किया. उनका कहना था कि सरकार और मंत्रियों से जवाब मांगना जरूरी है, "बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं चलेगा."
कांग्रेस और AAP का रुख
कांग्रेस और उसके छात्र संगठन NSUI ने CJP से दूरी बनाए रखी. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सवाल उठाया कि जब NSUI को पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन में रोका गया, तो CJP के प्रदर्शन में इतनी सहूलियत क्यों मिली. उन्होंने यह भी कहा कि उनके नेता राहुल गांधी हमेशा से युवाओं के साथ खड़े रहे हैं, यह इशारा दीपके और CJP पर था.
दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने खुलकर CJP का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन देश के युवाओं के गुस्से और निराशा की आवाज है. उन्होंने मांग की कि मोदी सरकार युवाओं को देशविरोधी कहने की बजाय उनकी समस्याएं सुनें और प्रधानमंत्री शिक्षा मंत्री को तुरंत हटाएं. शिवसेना (यूबीटी) ने भी CJP के प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया था.
NEET-UG पेपर लीक
NEET-UG वो परीक्षा है जो मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए होती है. लाखों बच्चे सालों तक इसकी तैयारी करते हैं. इस बार यह पेपर लीक हो गया, यानी परीक्षा से पहले ही सवाल-जवाब बाहर आ गए. इससे जो बच्चे ईमानदारी से पढ़े, उनके साथ धोखा हुआ. सरकार ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान किया. लेकिन छात्रों और उनके अभिभावकों को यकीन नहीं है कि दोबारा परीक्षा भी सुरक्षित होगी.
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जंतर-मंतर पर आए ओम शंकर की बेटी ने NEET-UG दी थी. वो बोले, "पेपर लीक हो गया. 21 जून को दोबारा परीक्षा है, लेकिन क्या गारंटी है कि यह भी सही होगी? मेरी बेटी डरी हुई है कि कहीं फिर से पैसे और पहुंच वाले लोग सिस्टम का फायदा न उठा लें." उन्होंने बताया कि बेटी ने अब रिसर्च के क्षेत्र में एक और एंट्रेंस टेस्ट का फॉर्म भर दिया है.