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चेहरे पर मास्क, हाथ में संविधान और गुलाब... जंतर मंतर पर कुछ ऐसा रहा 'कॉकरोच आंदोलन'

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का पहला बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित हुआ. NEET, CBSE, CUET और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों, अभिभावकों और युवाओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की.

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कॉकरोच पार्टी के आंदोलन में सोनम वांगचुक भी शामिल हुए (Photo: PTI)
कॉकरोच पार्टी के आंदोलन में सोनम वांगचुक भी शामिल हुए (Photo: PTI)

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को हजारों छात्र, उनके माता-पिता और युवा नौकरीपेशा लोग कॉकरोच के मास्क पहनकर सड़क पर उतरे. हाथों में फूल, किताबें और तिरंगा लेकर वो सब एक मांग के साथ आए थे, कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए. यह प्रदर्शन 'कॉकरोच जनता पार्टी' यानी CJP ने आयोजित किया था, जो अब तक सिर्फ सोशल मीडिया पर था लेकिन शनिवार को पहली बार सड़क पर दिखा. कॉकरोच पार्टी ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर सात दिनों के भीतर शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो आंदोलन को पूरे देश में फैलाएंगे.

कॉकरोच जनता पार्टी कोई असली राजनीतिक पार्टी नहीं है. यह एक युवाओं का ऑनलाइन आंदोलन है जो शुरू में एक मजाकिया तरीके से बना था. धीरे-धीरे यह आंदोलन बड़ा होता गया और इसका मुद्दा परीक्षाओं में धांधली, बेरोजगारी और सरकार की जवाबदेही पर केंद्रित हो गया.

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया (Photo: PTI)


जंतर-मंतर पर क्या हुआ?

शनिवार को जंतर-मंतर पर कई राज्यों से आए लोग जमा हुए. मजेदार बात ये थे कि लोग कॉकरोच के मास्क पहने हुए थे, हाथों में फूल, किताबें और संविधान की प्रतियां थीं. अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों से अपील की थी कि पुलिसकर्मियों को फूल दें और शांति बनाए रखें. और ऐसा हुआ भी, लोगों ने पुलिस को फूल भेंट किए.

कॉकरोच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके (सफेद कपड़ों में, बीच में) लोगों को संबोधित करते हुए (Photo: PTI)


दीपके ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उनके सोशल मीडिया अकाउंट हैक करवा रही है और पोस्ट डिलीट करवा रही है. उन्होंने कहा, "आप हमारी पोस्ट डिलीट कर सकते हो, लेकिन हमें इस जगह से मिटा नहीं सकते." उन्होंने यह भी कहा, "इस देश का छात्र, युवा नहीं बिका है."

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सोनम वांगचुक का समर्थन क्यों अहम है?

जाने-माने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने इस आंदोलन का खुलकर समर्थन किया. उन्होंने पहले ही कह दिया था कि अगर दीपके को गिरफ्तार किया गया तो वो छह हफ्ते का उपवास करेंगे. दीपके ने अपने भाषण में वांगचुक का शुक्रिया अदा किया.

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अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक (Photo: PTI)

 

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान 6 लोग हिरासत में

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान संभावित टकराव की आशंका के बीच दिल्ली पुलिस ने 6 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया. पुलिस के अनुसार यह कदम कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया. 

पुलिस और सुरक्षा का क्या हाल था?

सरकार ने इस प्रदर्शन को लेकर बहुत सतर्कता बरती. दिल्ली में 1,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए. करीब 40 कंपनियां अर्धसैनिक बलों की भी लगाई गईं. इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बड़े बस अड्डों और दिल्ली में घुसने वाले रास्तों पर भी चौकसी बढ़ाई गई. 

जंतर-मंतर के आसपास कई परतों में बैरिकेडिंग लगाई गई. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर के बाहर भी अतिरिक्त पुलिस तैनात की गई. सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही थी.

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर के बाहर पुलिसकर्मी पहरा देते नजर आए (Photo: PTI)


FIR वाला विवाद क्या था?

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सोशल मीडिया पर यह खबर फैल गई कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. इस पर दिल्ली पुलिस ने खुद बयान जारी किया और साफ किया कि ऐसी कोई FIR दर्ज नहीं हुई है. पुलिस ने लोगों से अपील की कि बिना जांचे-परखे खबरें न फैलाएं.

CBSE के नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल

CBSE ने इस वर्ष 12वीं की कॉपियों की जांच के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया, जिसमें स्कैन की गई कॉपियों का मूल्यांकन कंप्यूटर स्क्रीन पर किया गया. हालांकि कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उनकी कॉपियों के कुछ पन्ने स्कैन नहीं हुए, जिससे उन्हें पूरे अंक नहीं मिल सके. छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि इस तकनीकी गड़बड़ी का असर उनके भविष्य और उच्च शिक्षा के अवसरों पर पड़ सकता है.


आगे क्या?

यह आंदोलन पहले सिर्फ ट्वीट और इंस्टाग्राम पोस्ट तक सीमित था. लेकिन शनिवार को यह साफ हो गया कि यह ऑनलाइन आग अब सड़क पर भी उतर आई है. यह प्रदर्शन देश की राजधानी के बीचोंबीच हुआ और इसमें स्कूली बच्चों से लेकर उनके माता-पिता, कॉलेज छात्र और नौकरीपेशा युवा सब शामिल थे. 

कॉकरोच जनता पार्टी का एक समर्थक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्लेकार्ड दिखाते हुए (Photo: PTI)


अभिजीत दीपके कौन हैं?

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अभिजीत दीपके इस पूरे आंदोलन के संस्थापक हैं. वो शनिवार को ही अमेरिका से वापस भारत लौटे और सीधे दिल्ली आए. जब उनका विमान दिल्ली में उतरने वाला था तब उन्होंने कहा, "लैंड होने से पहले मुझे लगा जैसे यह आजादी के आखिरी पल हैं. मैं इस काम के लिए अपनी आजादी कुर्बान करने को तैयार था." यानी उन्हें पता था कि उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है लेकिन फिर भी वो आए.

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शनिवार सुबह जब दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे अभिजीत दीपके (Photo: PTI)


असली मुद्दा क्या है?

छात्रों का आरोप है कि NEET, CBSE, CUET और SSC जैसी बड़ी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं. इन परीक्षाओं में लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर होता है और अगर इनमें धांधली होती है तो मेहनती बच्चों का हक मारा जाता है. 

आंदोलन के संस्थापक अभिजीत दीपके का कहना है कि इन गड़बड़ियों की वजह से पांच छात्रों ने अपनी जान तक दे दी. इसीलिए वो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं.

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