नागरिकता कानून पर देश भर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. देश की राजधानी दिल्ली में भी हिंसक प्रदर्शन देखा गया. प्रदर्शन के बीच जामिया के छात्रों ने दावा किया कि जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों पर पुलिस के जरिए लाठियां बरसाई गई. वहीं कांग्रेस ने इस बीच रविवार रात 11.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने नागरिकता कानून पर हुई हिंसा और छात्रों को पिटने की निंदा की. उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी झारखंड में चुनाव प्रचार में बिजी हैं.
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता नायक रागिनी ने मीडिया प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र और छात्राएं कैंपस के अंदर से वीडियोज भेज रहे हैं. उन पर हिंसा की जा रही है. सरकार निरकुंश हो गई है. छात्र राजनीति के इतिहास में ऐसी घटनाएं कभी नहीं हुई हैं.
रागिनी नायक ने कहा कि लड़कियां कमरे में खुद को बंद करके बैठी हुई हैं, साथ ही मदद की गुहार लगा रही हैं. लड़के कमरे से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, कैंपसे में आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं. दम घुट रहा है. लेकिन पुलिस छात्रों को घसीट कर बाहर ले जा रही है. वहां छात्रों का दम घुट रहा है. यह हाल राजधानी दिल्ली का है.
वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता सलमान खुर्शीद ने आज तक से हुई खास बातचीत में दिल्ली पुलिस की निंदा की है. सलमान खुर्शीद ने कहा कि छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने बर्बरता की है. विश्वविद्यालय प्रशासन की बिना अनुमति के पुलिस कैंपस के अंदर दाखिल हुई. पुलिस ने छात्रों पर हिंसा की. वहीं पुलिस ने इस पर सफाई दी है कि अगर बताकर कैंपस में दाखिल होते तो परिस्थितियां बिगड़ सकती हैं. इस पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि पुलिस को मजबूत होना चाहिए, छात्रों से डरने की जरूरत नहीं थी. छात्र पुलिसकर्मयों के बच्चों की तरह हैं. लड़कियों से पुलिस को क्या खतरा था, जो उन पर हिंसा की गई.
LIVE: जामिया में हिंसा के बाद तनाव, विरोध में पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर जुटे छात्र
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि छात्रों पर ऐसी घटना कभी सामने नहीं आई. नौजवानों पर अत्याचार किया जा रहा है. छात्र राजनीति को निशाना बनाया जा रहा है. इलाहाबाद विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और अब जामिया विश्वविद्यालय हर जगह छात्र राजनीति को कुचला जा रहा है. बच्चों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं. हॉस्टल और लाइब्रेरी में भी आंसू गैस के गोले बरसाएं जा रहे हैं.
पवन खेड़ा ने कहा सरकार का काम शांति बरसाए रखना है. जापान के प्रधानमंत्री भारत नहीं आ पा रहे हैं, बांग्लादेश के विदेश मंत्री भारत नहीं आ पा रहे हैं, देश के गृह मंत्री पूर्वोत्तर के राज्यों में नहीं जा पा रहे हैं और हमारे प्रधानमंत्री झारखंड में चुनावी रैली कर रहे हैं. यह किस तरह की सरकार है. छात्रों के खिलाफ बर्बरता पूर्वक व्यवहार किया जा रहा है.
जामियाः BJP के आरोप पर आप MLA अमानतुल्लाह बोले- जहां हिंसा हुई, वहां मैं नहीं था
पवन खेड़ा ने कहा कि पुलिस जबरन जामिया कैंपस में दाखिल हुई. वहां कैंपस के अंदर हमला किया गया. अगर छात्र हिंसा में शामिल होते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाए, लेकिन पुलिस की यह हरकत गलत है. विरोध करना हक है. विरोध करने वालों को आप देशद्रोही बता देते हैं, पाकिस्तानी बता देते हैं.
कांग्रेस ने कश्मीर का भी जिक्र दिया. कांग्रेस ने कहा कि असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के राज्य सुलग रहे हैं. कश्मीर में कर्फ्यू जैसे हालात हैं. अब तो दिल्ली में भी आग पहुंच गई है. पीएम मोदी को चुनाव प्रचार करने से फुर्सत नहीं है. पुलिस हिंसा की उच्चस्तरीय जांच बैठाई है. गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अंतर्गत आती है, ऐसे में गृह मंत्री इसकी जिम्मेदारी लें.
दिल्ली: कई बसों को फूंका, दमकल कर्मियों को पीटा, जामिया में ऐसा था मंजर
जामिया में अब तक क्या हुआ?
जामिया में हुई झड़प में 6 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. वहीं होली फैमिली अस्पताल में 11 घायल छात्रों को इलाज के लिए लाया गया है. 24 छात्रों को हल्की चोटें आई हैं. जामिया में बवाल के चलते दिल्ली के 15 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए. यहां मेट्रो नहीं रोकी जा रही.
दिल्ली में भड़का विरोध प्रदर्शन
नागरिकता कानून के विरोध में रविवार को दिल्ली के जामिया इलाके में जमकर हिंसा हुई. शाम को प्रदर्शनकारियों ने कई बसें और बाइक फूंक दी. उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और आंसू गैस के गोले छोड़े. बाद में पुलिसकर्मियों ने अराजक तत्वों के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय में घुसे होने के संदेह पर कैंपस से सभी छात्रों को बाहर निकाल दिया. उधर विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की.