दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है. केजरीवाल और सिसोदिया ने आरोप लगाया है कि जॉइंट कैडर ऑथोरिटी(जेसीए) मीटिंग में सिसोदिया को जाने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पिछला 44 साल पुराने नियम में बदलाव कर दिया है.
सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार उनके मीटिंग में जाने को लेकर डरी हुई थी, इसलिए नियमों में बदलाव किया गया. मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, 'क्या मोदी सरकार ने सिर्फ मुझे जेसीए मीटिंग में जाने से रोकने के लिए बदला 44 साल पुराना नियम? वो मेरी उपस्थिति से इतने डरे हुए क्यों हैं?'
Modi govt changed 44 year old rule, only to stop me attending JCA meeting? Why are they so scared of our presence?
— Manish Sisodia (@msisodia)
इसे रीट्वीट करते हुए केजरीवाल ने लिखा, 'मोदी जी दिल्ली सरकार के सामने बाधाएं पैदा करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं.' एक और ट्वीट कर केजरीवाल ने कहा, 'और फिर ये कहते हैं की 'हम' झगड़ा करते हैं. रोज़ सुबह उठकर के काम में कोई अड़ंगा लगा देते हैं.'
Modi ji trying evrything possible to create hurdles in Delhi govt.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
और फिर ये कहते हैं की 'हम' झगड़ा करते हैं। रोज़ सुबह उठकर मोदी जी दिल्ली सरकार के काम में कोई अड़ंगा लगा देते हैं।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
केंद्र का पलटवार
केंद्र सरकार ने के आरोपों का खंडन किया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि बदला हुआ नियम दिल्ली सरकार पर लागू नहीं होता क्योंकि
दिल्ली राज्य नहीं बल्कि केंद्र शासित प्रदेश में आती है. मंत्रालय ने कहा, 'दिल्ली इसकी सदस्य नहीं है, इसलिए उनका कहना का कोई मतलब नहीं. दिल्ली सरकार में
काफी अधिकारी हैं, लेकिन दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी बतौर सदस्य प्रतिनिधित्व करेंगे. उनके नजरिए से नियम में बदलाव किया गया, ये लंबे समय से लागू है.'
मंत्रालय ने आगे कहा, 'जेसीए सभी राज्यों (इस मामले में AGMUT काडर) के प्रतिनिधित्व के लिए है.. अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और गोवा राज्य हैं, जबकि दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है. इसलिए दिल्ली के मंत्री जिस नियम की बात कर रहे हैं, वो उनपर लागू ही नहीं होता.'
नकवी का हमला
संसदीय मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी केजरीवाल को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा, 'केजरीवाल नाकामियों का नगाड़ा बजा रहे है. इसकी बजाय उन्हें दिल्ली में काम करना चाहिए. इससे उन्हें कोई फायदा नहीं होगा.'
हाल ही में ने गृह मंत्रालय से कहा था कि चीफ सेक्रेटरी की बजाए इस बार मनीष सिसोदिया इस बैठक में हिस्सा लेंगे.