एमसीडी में अब कमेटी गठन को लेकर तकरार शुरू हो चुकी है. एमसीडी में बीजेपी को आए डेढ महीने से ज्यादा हो चुका है लेकिन अभी तक कमेटियों का गठन नही हो पाया है. दरअसल कमेटियों का गठन नही होने की वजह से बड़े काम अटके हुए हैं. कारण यह है कि वहां की स्पेशल और एडहॉक कमेटियों का गठन फंसा पड़ा है. इनके गठन के बाद ही वहां कामकाज शुरू हो पाएगा. डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी तीनों एमसीडी का कामकाज अभी भगवान भरोसे चल रहा है.
बता दें कि एमसीडी में 26 अप्रैल को बीजेपी ने जीत हासिल की थी. इसके बाद मेयर और डिप्टी मेयर को तो चुन लिया गया है, लेकिन पावरफुल कहे जाने वाले स्थायी समिति, स्पेशल कमिटी और एडहॉक कमिटी का गठन नहीं हो पा रहा है. इन कमेटियों के गठन के बाद ही सभी विभागों में कामकाज के प्रस्ताव आएंगे, जिसके बाद ही कोई काम शुरू हो पाएगा.
प्रदेश बीजेपी नेताओं ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से दिल्ली सरकार की शिकायत करने का निर्णय लिया है. नेताओं का मानना है कि सरकार ने जानबूझकर एमसीडी में विभिन्न कमेटियों के गठन को रोक रखा है, जिसके चलते शासन चलाने में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
एमसीडी में वार्डो के परीसीमन का प्रस्ताव दिल्ली सरकार को भेजा जा चुका है
एमसीडी का कहना है कि एमसीडी में वार्डो के परीसीमन के प्रस्ताव दिल्ली सरकार को भेजा जा चुका है, लेकिन सरकार ने अभी तक इसे नोटिफाई नही किया है. साथ ही बिना नोटिफिकेशन के स्थायी समिति का गठन होगा. इससे बन पाएंगी. एमसीडी में करीब 12 कमेटियां होती है जिनमें नियुक्ति, पदोन्नति व अनुशासन कमिटी, निर्माण, चिकित्सा सहायता, पर्यावरण, बागवानी कमिटी के अलावा एडहॉक की 11 कमेटियों में लाइसेंसिंग व तहबाजारी कमिटी, कम्युनिटी सेंटर, शिकायत निवारण कमिटी आदि शामिल है। इनके अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के अलावा सदस्यों का चुनाव होगा, तभी ये कार्य कर पाएंगी. बीजेपी नेताओं की माने तो अब ये लोगो इसकी शिकायत लेकर एलजी अनिल बैजल से शिकायत करेंगे.