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दिल्ली-NCR की एयर क्वालिटी पर रहेगी पैनी नजर, 46 और मॉनिटरिंग स्टेशन करेंगे निगरानी

Delhi-NCR AQI Monitoring: दिल्ली-NCR में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए CAQM ने 46 नए कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने का प्रस्ताव रखा है. वर्तमान में 84 स्टेशन काम कर रहे हैं. नए मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने से प्रदूषण की निगरानी और सटीक होगी. CAQM का लक्ष्य है कि 2026 तक AQI में 15% सुधार हो और PM2.5 व PM10 में भी कमी आए.

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दिल्ली-NCR में वर्तमान में 84 CAAQMS स्टेशन काम कर रहे हैं (Getty Images)
दिल्ली-NCR में वर्तमान में 84 CAAQMS स्टेशन काम कर रहे हैं (Getty Images)

दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए अच्छी खबर है. अब हवा की गुणवत्ता यानी एयर क्वालिटी की निगरानी और बेहतर हो सकेगी. कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-NCR में नए कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (CAAQMS) लगाने का फैसला किया है. ये स्टेशन हवा में प्रदूषण की रीयल-टाइम जानकारी देंगे, जिससे प्रदूषण के स्रोतों का पता लगाना आसान होगा और सही समय पर कदम उठाए जा सकेंगे.

दिल्ली-NCR में कितने मॉनिटरिंग स्टेशन हैं?
वर्तमान में दिल्ली-NCR में कुल 84 CAAQMS स्टेशन काम कर रहे हैं. इनमें से दिल्ली में 40, हरियाणा (NCR) में 22, राजस्थान (NCR) में 4 और उत्तर प्रदेश (NCR) में 18 स्टेशन हैं. अब CAQM ने 27 नए स्टेशन लगाने की प्रक्रिया शुरू की है. दिल्ली में 6 स्टेशन पहले ही लग चुके हैं. हरियाणा (NCR) में 7, राजस्थान (NCR) में 4 और उत्तर प्रदेश (NCR) में 10 स्टेशन लगाए जा रहे हैं. ये नए स्टेशन लगने से इलाके में प्रदूषण की निगरानी ज्यादा सटीक हो जाएगी.

भविष्य में और कितने स्टेशन?
CAQM ने वैज्ञानिक तरीके से तय किया है कि आगे कितने स्टेशन लगने चाहिए. इसके लिए कुछ नियम बनाए गए हैं. दिल्ली और बड़े शहरों में हर 25 वर्ग किलोमीटर पर एक स्टेशन लगेगा. अन्य जिला मुख्यालयों में हर 50 वर्ग किलोमीटर पर एक स्टेशन लगेगा. इसमें जनसंख्या, आवासीय इलाके, ट्रैफिक जोन, इंडस्ट्रियल एरिया और तेजी से बढ़ते उपनगरीय इलाकों को ध्यान में रखा गया है.

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दिल्ली-NCR में 46 नए मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने का प्लान
इन नियमों के आधार पर कुल 46 अतिरिक्त स्टेशन लगाने का प्रस्ताव है. जिसमें  दिल्ली में 14, हरियाणा (NCR) में 16, राजस्थान (NCR) में 1 और उत्तर प्रदेश (NCR) में 15 मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने का प्लान है. जब ये सभी स्टेशन लग जाएंगे, तो दिल्ली-NCR में कुल 157 CAAQMS स्टेशन हो जाएंगे. इससे प्रदूषण की पूरी तस्वीर साफ दिखेगी और नीतियां बनाने में मदद मिलेगी.

बता दें कि फरवरी 2026 में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 6 नए स्टेशन का उद्घाटन किया है. ये स्टेशन JNU, IGNOU, NSUT (द्वारका), अक्षरधाम, दिल्ली कैंट और टॉकाटोरा गार्डन जैसे जगहों पर लगे हैं. अब दिल्ली में कुल 46 स्टेशन हो गए हैं, जो किसी भी शहर में सबसे ज्यादा हैं. आने वाले समय में दिल्ली में और 14 स्टेशन लगेंगे.

इन स्टेशनों से क्या फायदा होगा?

  • प्रदूषण के मुख्य स्रोत (जैसे वाहन, इंडस्ट्री, कंस्ट्रक्शन धूल, कचरा जलाना) का सटीक पता चलेगा.
  • लंबे समय तक प्रदूषण के ट्रेंड समझ आएंगे.
  • GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) जैसे नियम ज्यादा बेहतर तरीके से लागू हो सकेंगे.
  • आम लोगों को रीयल-टाइम AQI की जानकारी मिलेगी, जिससे स्वास्थ्य का ध्यान रखना आसान होगा.
  • सरकार को सबूत-आधारित फैसले लेने में मदद मिलेगी. जैसे EV बसें बढ़ाना, पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधारना और धूल नियंत्रण.

गौरतलब है कि दिल्ली-NCR में सर्दियों में स्मॉग की समस्या बहुत गंभीर होती है. CAQM का 2026 का लक्ष्य है कि औसत AQI में 15% सुधार हो, PM2.5 में 15% और PM10 में 20% कमी आए. ज्यादा स्टेशन लगने से प्रदूषण की निगरानी मजबूत होगी और प्रदूषण कम करने के उपाय ज्यादा प्रभावी होंगे.

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