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केजरीवाल की मौजूदगी में बैजल ने ली LG के पद की शपथ, डोभाल भी पहुंचे

1969 बैच के आईएएस अफसर अनिल बैजल अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में गृह सचिव रहे हैं. बैजल लालकृष्ण आडवाणी के साथ गृह मंत्रालय में काम कर चुके हैं. इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों समेत देश के तमाम क्षेत्रों में उन्हें काम करने का अनुभव रहा है.

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अनिल बैजल अनिल बैजल

दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शनिवार को पद की शपथ ले ली है. इस दौरान शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, नेता प्रतिपक्ष विजेंदर गुप्ता समेत कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की मौजूदगी ने सबको हैरान किया. हालांकि अपने व्यवहार के अनूरूप डोभाल ने मीडिया से कोई बात नहीं की. दिल्ली हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी ने बैजल को शपथ दिलाई.

हर मुद्दे पर ये बोले बैजल
दिल्ली के 21वें उपराज्यपाल बैजल ने कहा कि राष्ट्रपति और पीएम का आभारी हूं, जिन्होंने मुझे ये मौका दिया. दिल्ली की समस्याओं को कम करने का प्रयास करेंगे. हम सब जानते हैं कि क्या प्रॉब्लम है. दिल्ली सरकार के साथ तनाव पर कहा काल्पनिक चीजों पर कुछ नहीं कहूंगा. मुझे नहीं पता की सुधरेंगे की नहीं या कैसे सुधरेंगे. बैठकर बात करेंगे. देखेंगे कि क्या होगा. दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा के मामले पर उन्होंने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है. सुप्रीम कोर्ट तय करेगा फिर देखेंगे.

बीजेपी के भरोसेमंद
1969 बैच के आईएएस अफसर अनिल बैजल अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में गृह सचिव रहे हैं. बैजल लालकृष्ण आडवाणी के साथ गृह मंत्रालय में काम कर चुके हैं. इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों समेत देश के तमाम क्षेत्रों में उन्हें काम करने का अनुभव रहा है. दिल्ली में केंद्र और राज्य के बीच समन्वय कायम रखने में वे अहम भूमिका निभा सकते हैं. प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ तमाम मंत्रालयों के बीच तालमेल का भी उन्हें अच्छा खासा अनुभव है. दिल्ली में नजीब जंग के कार्यकाल में केजरीवाल सरकार से जारी टकराव को रोकने में भी उनका अनुभव काम आ सकता है.

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री हासिल करने वाले बैजल स्क्वैश, बैडमिंटन और टेनिस खेलना पसंद है. करीब 37 साल की सेवा के बाद 2006 में शहरी विकास मंत्रालय के सचिव पद से रिटायर हुए थे. शुंगलू आयोग की रिपोर्ट पर बैजल का क्या रूख रहता है इसपर भी सबकी निगाहें होंगी. दिल्ली और केंद्र के बीच टकराव का सबसे बड़ा कारण यही रिपोर्ट रहा है. शुंगलू आयोग का गठन नजीब जंग ने किया था और केजरीवाल सरकार के फैसलों से संबंधित करीब 400 फाइलों की जांच के बाद इस समिति ने अपनी रिपोर्ट एलजी आफिस को सौंप रखी है.

केजरीवाल की एलजी के साथ चाय पार्टी
शपथ ग्रहण समारोह के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ उन्होंने चाय पर चर्चा की. इस दौरान दोनों की ही बॉडी लैंग्वेज बेहद दिलचस्प थी. एलजी और सीएम आपस में दिल्ली के मसलों पर चर्चा करते हुए नजर आए. एलजी के बाएं हाथ पर अरविंद बैठे थे और उन के बगल में मनीष.

डोभाल कनेक्शन
बैजल भी विवेकानंड फाउंडेशन से जुड़े रहे हैं जिसके संस्थापक अजीत डोभाल हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी उनकी नजदीकी है. डोभाल मोदी सरकार में सबसे मजबूत शख्स माने जाते हैं. बैजल की उनसे नजदीकी कामकाज में मददगार साबित हो सकती है. पीएम मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र भी विवेकानंद फाउंडेशन से जुड़े रहे हैं. प्रसार भारती के चेयरमैन ए सूर्य प्रकाश और आईआईएमसी के चेयरमैन के जी सुरेश समेत तमाम लोग इसी बैकग्राउंड से आते हैं.

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