चुनाव आयोग ने शनिवार को आम आदमी पार्टी के उस दावे को खारिज किया जिसमें उसने कहा है कि आयोग हैकाथॉन से भाग रहा है. आयोग ने कहा कि उसने कभी इस तरह का वादा ही नहीं किया था. आयोग ने स्पष्ट किया कि 12 मई को सर्वदलीय बैठक के दौरान उसने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) चुनौती का प्रस्ताव दिया था ना कि हैकाथॉन का.
आयोग ने आप से एक पत्र में कहा कि AAP का यह बयान कि आयोग हैकाथॉन से पीछे हट रहा है, निर्वाचन आयोग ने AAP के उस आरोप को भी खारिज किया जिसमें उसने कहा है कि आयोग किसी को ईवीएम छूने की अनुमति नहीं दे रहा है.
पत्र में कहा गया, 'यह चुनौती ईवीएम से छेड़छाड़ करने के लिए उसे अपने तरीके से हैंडल करने, किसी भी संयोजन में कई बटन दबाने, ब्लूटूथ और वायरलेस उपकरण का इस्तेमाल करने का व्यापक अवसर प्रदान करती है'
आम आदमी पार्टी ने बयान में कहा, 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त नसीम जैदी ने दावा किया कि अगर ईवीएम के मदरबोर्ड के साथ छेड़छाड़ की जाती है, तो मशीन काम करना बंद कर देगी. अगर सचमुच में ऐसी बात है, तो निर्वाचन आयोग हैकाथॉन के दौरान आप को मदरबोर्ड बदलने की मंजूरी क्यों नहीं देता'
आयोग ने कहा कि ईवीएम के मदरबोर्ड को बदलने का आशय एक ' देना और उसे तंत्र में शामिल करना होगा. निर्वाचन आयोग ने कहा, 'यह सामान्य सी बात है कि अगर किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का मदरबोर्ड बदल दिया जाता है, तो उपकरण पूरी तरह बदल जाएगा, जिसके बाद वह पहले वाला उपकरण नहीं रह जाता.'
आयोग के ईवीएम-हैकिंग चुनौती को 'नाटक' करार देते हुए AAP ने शुक्रवार को कहा कि वह कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगी. निर्वाचन आयोग ने कहा कि प्रौद्योगिकी सुरक्षा विशेषताओं और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के मद्देनजर आयोग पूरी तरह से आश्वस्त है कि ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं हो सकती.