खाना पसंद लोग चांदनी चौक के घंटेवाला की घी का सोनहलवा खूब पहचानते होंगे, लेकिन अब अगली बार वहां जाने पर दुकान बंद मिलेगी. दरअसल, 225 साल पुरानी ये मिठाई की दुकान बुधवार को बंद हो गई और इसी के साथ राजधानी के एक इतिहास का भी अंत हो गया.
दुकान के मालिक सुशांत जैन ने कहा, 'ये एक मुश्किल फैसला था. हम आठ पुश्तों से इस दुकान को चलाते आ रहे हैं, लेकिन इसकी घटती बिक्री के चलते ये फैसला लेना पड़ा.'
वहीं के एक कपड़ा व्यापारी घंटेवाला की प्रसिद्धि को याद करते हुए कहते हैं कि यहां राजीव गांधी, मोहम्मद रफी तक आ चुके हैं. मोरारजी देसाई तो यहां जलेबी खाने आते थे और पैक भी करवाकर ले जाते थे. यही नहीं, पर्यटकों के लिए ये एक देखने की जगह थी. पर्यटक तो यहां आकर दुकान के सामने सेल्फी भी लेते थे. आसपास के लिए व्यापारियों के लिए ये एक लैंडमार्क बन गया था.
आपको बता दें कि दिवाली के दौरान इस मिठाई की दुकान में इतनी भीड़ हुआ करती थी कि दुकान के मालिक पुलिस को व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुलाते थे.
इतिहासकार घंटेवाला मिठाई की दुकान को बंद होना पुरानी दिल्ली की परंपरा का नुकसान मानते हैं. इतिहासकारों का कहना है कि ये दुकान शाहजहानाबाद की अमूर्त विरासत थी. इस दुकान का जिक्र महमूद फारुकी की किताब 'बिसीज्ड' में भी था.
आपको बता दें कि साल 1954 में आई हिंदी फिल्म 'चांदनी चौक' में मीना कुमारी के कई सीन इस मिठाई के दुकान के सामने थी.