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यौन उत्पीड़न के आरोप और वायरल फोटो, सब-इंस्पेक्टर की पत्नी की शिकायत के बाद IPS रतनलाल डांगी सस्पेंड

रायपुर में सीनियर आईपीएस रतन लाल डांगी को आपत्तिजनक फोटो वायरल होने और सब-इंस्पेक्टर की पत्नी की शिकायत के बाद सस्पेंड किया गया है. उन पर यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के आरोप हैं. सरकार ने सेवा नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और मुख्यालय नवा रायपुर तय किया है.

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सीनियर IPS अधिकारी रतन लाल डांगी सस्पेंड (Photo: Facebook)
सीनियर IPS अधिकारी रतन लाल डांगी सस्पेंड (Photo: Facebook)

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है. राज्य सरकार ने सीनियर आईपीएस अधिकारी रतन लाल डांगी को सस्पेंड कर दिया है. यह कार्रवाई उनके कथित आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई है. बता दें, आईपीएस रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाने वाली महिला सब इंस्पेक्टर की पत्नी है. महिला ने नवंबर महीने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया था. 

यह आदेश छत्तीसगढ़ सरकार के गृह पुलिस विभाग द्वारा जारी किया गया है. प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि रतन लाल डांगी ने अपने पद के अनुरूप आचरण नहीं किया. सरकार ने माना कि उनका व्यवहार सेवा नियमों और नैतिक मानकों के अनुरूप नहीं था.

सेवा नियमों और नैतिक मानकों के उल्लंघन का आरोप

सरकारी आदेश में यह भी कहा गया है कि उन पर अपने पद के प्रभाव का गलत इस्तेमाल करने और सामाजिक व पेशेवर मर्यादाओं का उल्लंघन करने के आरोप हैं. यह मामला तब और गंभीर हो गया जब उनकी गतिविधियां सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैल गईं. इससे पुलिस विभाग की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा.

इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की है. उनके खिलाफ All India Services (Conduct) Rules, 1968 के तहत मामला दर्ज किया गया है और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.

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सस्पेंशन के दौरान रतन लाल डांगी का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय तय किया गया है. नियमों के अनुसार उन्हें इस अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. साथ ही उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की इजाजत नहीं होगी.

विभागीय जांच के आदेश, नवा रायपुर मुख्यालय किया गया तय

सरकार का यह कदम प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने और पुलिस सेवा की गरिमा को बनाए रखने की दिशा में सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है. फिलहाल इस मामले की विभागीय जांच जारी है.
 

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