बक्सर में विकास समीक्षा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले पर हुए हमले के बाद विपक्षी दल आरजेडी ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने नीतीश के काफिले पर पत्थरबाजी करने के आरोप में कई महादलितों की जमकर पिटाई की.
महादलितों की कथित तौर पर पिटाई के मुद्दे पर रविवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार को चेतावनी देते हुए कहा कि आगे अगर किसी भी महादलित के ऊपर नाजायज रूप से सरकार लाठी उठाती है तो आरजेडी उनके हितों की लड़ाई लड़ने में पीछे नहीं हटेगी. इसके लिए आरजेडी के कार्यकर्ता हर तरीके का बलिदान देने के लिए भी तैयार है. तेजस्वी ने कहा कि दलितों की रक्षा के लिए यह आरजेडी की धमकी नहीं बल्कि नीतीश सरकार को चेतावनी है.
नीतीश कुमार ध्यान से कान खोलकर सुन लें, अगर आगे से किसी महादलित के ऊपर नाजायज़ रूप से आपकी सरकार ने लाठी उठाई तो राजद उनके हक़ों की लड़ाई लड़ने में किसी भी प्रकार का बलिदान देने में पीछे नहीं हटेगी।दलितों की रक्षा के लिए राजद की धमकी नहीं ये चेतावनी है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi)
तेजस्वी आरोप ने पर पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार के महादलित टोलों में विकास का कोई काम नहीं हो रहा है लेकिन इसके बावजूद भी मुख्यमंत्री राज्यभर में चौमुखी विकास का बेसुरा राग अलाप रहे हैं. तेजस्वी ने सवाल पूछा कि सरकार के द्वारा समाज के बड़े महादलित वर्ग को विकास से महरूम रखना कहां का न्याय है?
तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री एक तरफ गणतंत्र दिवस पर महादलित टोलों में झंडा फहराने का ढकोसला करते है, वही दूसरी तरफ जब महादलित अपने जायज विकास की मांग को लेकर सड़क पर उतरता है तो उनकी पुलिस उन पर लाठियां चला करो उनको लहूलुहान करती है.
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के छद्म विकास की पोल खुल रही है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को यह बात समझनी चाहिए कि राज्य में विकास कार्यों की समीक्षा जनता करती है ना कि वातानुकूलित कक्षा में रहने वाला अधिकारी. तेजस्वी ने पूछा कि आखिर नीतीश कुमार को जनता से मिलने में किस बात का डर है?