फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने पंजाब के गुरदासपुर लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में जीत पर कांग्रेस को बधाई दी और छह ट्वीट कर अपनी पार्टी को कटघरे में खड़ा किया. पटना साहिब क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपनी पार्टी की करारी हार के लिए पार्टी नेतृत्व को कोसा.
'हार की पहले से थी उम्मीद'
शत्रुघ्न ने सोमवार को ट्वीट कर बधाई दी और लिखा, 'जैसी उम्मीद थी, वैसा ही हुआ. गुरदासपुर उपचुनाव में हमें करीब दो लाख वोटों से अपमानजनक हार मिली है. इस हार की उम्मीद पहले से थी, क्योंकि पार्टी ने विनोद खन्ना के किसी नजदीकी को टिकट नहीं दिया था.'
As expected, we suffered a humiliating defeat in the Gurdaspur bye-election by a massive margin of almost 2 lakh votes. They say that...1>2
— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha)
आत्मनिरीक्षण की बताई जरूरत
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, 'पार्टी और पार्टी से जुड़े लोगों के लिए मेरा प्यार हमेशा है, मैं उनकी प्रशंसा करता हूं. मेरा यह अवलोकन पार्टी के आत्मनिरीक्षण के लिए है.'
जीत पर कांग्रेस को दी बधाई
'बिहारी बाबू' के नाम से चर्चित शत्रुघ्न ने आगे लिखा, 'हम अपनी हार स्वीकार करते हैं और मैं सुनील जाखड़ को बड़ी जीत पर बधाई देता हूं. वे योग्य पिता के योग्य बेटे हैं.' उन्होंने यह भी लिखा कि गुरदासपुर में कांग्रेस की जीत में नवजोत सिंह सिद्धू का साफ असर दिखा. यहां सिद्धू ने सच्ची खेल भावना का परिचय दिया है.
अपनी पार्टी को दी आईना देखने की नसीहत
सिन्हा ने पार्टी को नसीहत देते हुए एक अन्य ट्वीट में लिखा, 'हमलोगों को अब वाकई आईना देखने की जरूरत है. दीवारों पर लिखी बातें देखिए और लोगों के मूड का अनुमान लगाइए.'
अपनी उपेक्षा से आहत शत्रुघ्न
पार्टी में अपनी उपेक्षा से आहत शत्रुघ्न सिन्हा कई मौकों पर पार्टी को सार्वजनिक तौर पर कटघरे में खड़ा कर चुके हैं. दो दिन पहले उनके संसदीय क्षेत्र पटना साहिब स्थित साइंस कॉलेज परिसर में आयोजित पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में भी सिन्हा को नहीं बुलाया गया था.
बिहार विधानसभा चुनाव में BJP की करारी हार पर उन्होंने कहा था, 'यह तो होना ही था.' इस बात के लिए पार्टी नेताओं ने उनकी काफी आलोचना की थी. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने उनकी तुलना बैलगाड़ी के नीचे चलने वाले कुत्ते से की थी.