बिहार की राजधानी पटना से सटे दानापुर के स्थानीय कोर्ट परिसर में एक विचाराधीन कैदी की गोली मारकर हत्या किए जाने के एक दिन बाद, जिला प्रशासन ने सुरक्षा ऑडिट करने का फैसला लिया है. भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए पटना के सभी अदालत परिसरों का नए सिरे से सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा.
जघन्य अपराध के कई मामलों में आरोपी विचाराधीन कैदी अभिषेक सिंह उर्फ छोटे सरकार की शुक्रवार को दानापुर कोर्ट परिसर में दो हथियारबंद हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. कैदी को एक आपराधिक मामले में पेशी के लिए बेउर सेंट्रल जेल से कोर्ट लाया गया था. हत्या में शामिल कथित तौर पर दो नाबालिग शूटरों को पुलिस ने पकड़ लिया है.
इस घटना को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए, पटना के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) चन्द्रशेखर सिंह ने शनिवार को बताया, 'कल की घटना के बाद हमने दानापुर सहित पटना के सभी अदालत परिसरों का नए सिरे से सुरक्षा ऑडिट करने का फैसला किया है. इससे पहले भी इसी तरह का मामला सामने आया था. अब भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए इसकी समीक्षा करने की जरूरत है. कल की घटना गंभीर चिंता का विषय है.'
कोर्ट परिसरों का सुरक्षा ऑडिट
उन्होंने कहा, 'हम जल्द ही पटना के सभी अदालत परिसरों की सुरक्षा ऑडिट करने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम का गठन करेंगे. ऑडिट में पर्याप्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का नए सिरे से मूल्यांकन, उच्च रिज़ॉल्यूशन वाले सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से अदालत भवनों की चौबीसों घंटे निगरानी शामिल होगी.' अच्छा कवरेज क्षेत्र, मेटल डिटेक्टरों और एक्स-रे स्कैनर आदि की व्यवस्था की जाएगी.
उन्होंने आगे कहा कि अदालत परिसरों में प्रवेश करने वाले सभी लोगों की अदालत परिसरों के प्रवेश बिंदुओं पर गहन जांच की जानी चाहिए. सिंह ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि मेटल डिटेक्शन, बैगेज स्कैनिंग आदि में तकनीकों का इस्तेमाल किया जाए.
बता दें कि जिस अभिषेक की गोली मारकर हत्या की गई है वो पटना जिले के बिहटा के पास सिकंदरपुर गांव के रहने वाले थे. उन पर दो हथियारबंद हमलावरों ने तब हमला किया जब उन्हें लॉक-अप से ट्रायल कोर्ट ले जाया जा रहा था.