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बिहार: पटना में शराब पीने के आरोप में युवक गिरफ्तार, पिटाई के बाद इलाज के दौरान मौत

बिहार के पटना में एक्साइज विभाग ने एक कुली को शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार किया था. परिवार का आरोप है कि जेल में उसकी इतनी पिटाई की गई है उसे गंभीर चोटें आई और उसकी मौत हो गई.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एक्साइज विभाग पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
  • परिवार ने लगाई इंसाफ की गुहार

पटना सिटी के आलमगंज के बिस्कोमान गोलम्बर के पास बीते सोमवार को एक्साइज विभाग ने एक कुली को शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार किया जिसकी मौत हो गई है. राजेश पांडेय नाम का व्यक्ति जो बस स्टैंड में कुली का काम करता था, उसे एक्साइज विभाग ने शराब पीने के आरोप में उठा लिया था. एक्साइज विभाग पर आरोप है कि उन्होंने उसकी जमकर पिटाई की, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. आरोप है कि एक्साइज विभाग ने उसे हिरासत में रखा, जहां उसकी जमकर पिटाई की गई, उसके बाद उसे मंगलवार शाम को ही बेउर जेल भेज दिया गया, जहां शुक्रवार के दिन उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद जेल प्रशासन ने कैदी राजेश को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच भेज दिया जहां इलाज के दौरान उसकी आज मौत हो गई.

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, उनका कहना है कि शराब पीने के आरोप में पुलिस पकड़ कर ले गई थी और इतनी पिटाई की कि उसकी मौत हो गई. परिवार ने आगे कहा कि सरकार इस मामले में दोषियों पर करवाई करे और पूरे परिवार को इंसाफ दिलाए, अब सवाल उठता है कि सिर्फ शराब पीने के आरोप में राजेश की इतनी पिटाई क्यों की गई कि चोट के कारण उसकी मौत हो गई. 

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परिवार का आरोप पूरे शरीर पर थे चोट के निशान
परिवार ने कहा कि उसके पूरे शरीर पर चोट के निशान थे. यह सभी प्रश्न जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा करता है, वहीं परिजनों ने मृतक के शरीर पर कई चोट के निशान भी दिखाए, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शराबबंदी कानून का बिहार में जमकर दुरुपयोग हो रहा है. ऐसे में सरकारी मुलाजिम पर कई बार कानून का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं.

परिवार ने सरकार से की इंसाफ की मांग
मृतक राजेश की बहन ने कहा कि मेरे भाई को शराब पीने के आरोप में सोमवार को पुलिस वाले पकड़ कर ले गए थे हम लोगों को पुलिस ने इसकी कोई सूचना नहीं दी. हमें दो दिन बाद पता चला की वो बेउर जेल में है. राजेश की पत्नी ने कहा कि हम जब जेल में मिलने गए तो हमें मिलने नहीं दिया गया उसके बाद शुक्रवार को इनको पीएमसीएच में भर्ती किया गया. जिसकी सूचना जेल प्रशाशन ने परिजनों को नहीं दी. कल मुझे पता चला तब हम पीएमसीएच आये यहां पति से बात की तो उन्होंने बताया था की मुझे काफी मारा गया है और आज उनकी मौत हो गई. मुझे सरकार से इंसाफ चाहिए. 

बेउर जेल के कक्ष पाल अशोक कुमार ने कहा कि शुक्रवार को हमें जेल प्रशाशन की तरफ से बताया गया कि एक कैदी की तबीयत काफी खराब है. मुझे इंचार्ज बनाया गया, हम चार लोग इनके साथ आये थे मुझे नहीं मालूम था कि इनके साथ क्या हुआ था, दो दिन तक ठीक थे लेकिन आज इलाज के दौरान पीएमसीएच में इनकी मौत हो गई  इससे ज्यादा मुझे कुछ मालूम नहीं है.

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