मुंबई की तर्ज पर पटना का भी अपना मैरीन ड्राइव होगा. फर्क ये होगा कि मुंबई में मैरीन ड्राइव समुद्र के किनारे बना है तो पटना में गंगा के किनारे बन रहे चार लेन हाई स्पीड सड़क को लोग लोक नायक गंगा पथ के नाम से जानेंगे.
पटना के लोगों ने यह सपना काफी पहले देखा था लेकिन अब ये साकार होने जा रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जन्मदिवस के अवसर पर इसके काम की शुरुआत की.
पटना के दीघा से लेकर दीदारगंज तक करीब 21.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है. 2007 से महा प्रोजेक्ट पर राज्य सरकार ने काम करना शुरू किया था पहले यह पी पी मोड के तहत बनने वाला था लेकिन किसी कंपनी के आगे नहीं आने के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे राज्य सरकार के बल बूते पर बनाने का फैसला किया.
इस प्रोजेक्ट में 2000 करोड़ का लोन हुडको से लिया गया है और बाकी 1160 करोड़ रुपये राज्य सरकार लगा रही है इस प्रोजेक्ट को 4 साल में पूरा करना है, जिसके लिए आंध्र प्रदेश की कंपनी नवयुगा निर्माण कार्य में लगी है.
इस फोरलेन सड़क पर गाड़ियां सरपट दौडेंगी ही साथ ही मॉर्निंग वॉक की भी सुविधा होगी. हाई स्पीड कॉरिडोर में ट्रैफिक का प्रवाह न रुके इसके लिए सड़क के किनारे बस-वे, सब-वे ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा. यही नहीं ये गंगा पथ एक तरह से पटना के रिंग रोड का काम करेगी जिससे पांच नेशनल हाईवे जुड़े रहेंगे, जिससे पटना को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगा.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है और अबतक की यह सबसे बड़ी परियोजना है इसमें केवल सड़क का निर्माण ही नहीं बल्कि इस पूरे क्षेत्र का सौंदर्यकरण के साथ-साथ पर्यावरण का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा. साथ ही यहां आपातकाल टेलिफोन और विश्वस्तरिय कैफेटेरिया भी होगा ताकि लोग यात्रा के साथ-साथ पर्यटन का भी लुफ्त उठा सकें.
लोकनायक गंगा पथ बन जाने के बाद दीघा से दीदारगंज जाने में आज 2 घंटे का समय लगता है वो दूरी 20 मिनट में पूरी की जा सकेगी. ये सड़क दीघा में बन रहे रेल सह सड़क पुल और गांधी सेतु को तो जोड़ेगा ही मुख्यमंत्री के मुताबिक अगर यह योजना सफल रही तो कच्ची दरगाह और बख्तियारपुर के पास गंगा पर बनने वाले पुल को भी भविष्य में जोड़ा जाएगा.
दीघा सेतु से लेकर दीदारगंज तक गंगा पथ की लम्बाई 21.5 किलोमीटर है, जिसमें से 7.5 किलोमीटर सड़क एलिवेटर होगी. गंगा पथ से शहर को जोड़ने के लिए पांच अंडर पास होंगे. बहरहाल अगर यह प्रोजेक्ट समय पर तैयार हो जाता है तो नीतीश सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी.