पटना के आर ब्लॉक से चलने वाली रेलवे ट्रैक की 71.25 एकड़ जमीन अब बिहार सरकार की हो जाएगी. बिहार सरकार ने इसके एवज में रेलवे को 222 करोड रुपये देने का फैसला लिया है. 30 जून को रेलवे इस जमीन का मालिकाना हक बिहार सरकार को सौंप देगा. यह बिहार और खासतौर पर पटना के लिए खुशखबरी है.
पिछले 10 वर्षों से बिहार सरकार इस जमीन को पाने की कोशिश कर रही थी लेकिन केंद्र और राज्य में अलग- अलग विचारधारा की सरकार होने के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था. अब केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार है ऐसे में राज्य सरकार के लिए यह जमीन पाना आसान हो गया. पटना के लिए यह बड़ी सौगात है क्योंकि इस जमीन पर 8 किलोमीटर की 6 लेन का सुपर हाईवे बनेगा जो दीघा में बने जेपी ब्रिज से जुड़ेगा.
बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा कि अक्टूबर में सड़क निर्माण का काम शुरू हो जाएगा. उन्होंने इसे राज्य सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने आजतक से बात करते हुए कहा कि यह पूरे बिहार के लिए बड़ी उपलब्धि है. हम इस काम के लिए आज से नहीं लगे थे, राज्य सरकार पिछले लगभग 8-9 वर्षों से इस काम में लगी थी. कितने रेल मंत्री आए सब लोगों ने बातचीत की लेकिन यूपीए सरकार में बात नहीं बनी. संयोग से केंद्र और बिहार में दोनों जगह एनडीए की सरकार बन गई. विकास का डबल इंजन लग गया और अब इसका फायदा दिख रहा है.
नंदकिशोर यादव ने कहा कि इस रेल लाइन पर सड़क बनने से केवल पटना को ही नहीं बल्कि पूरे बिहार को इससे फायदा होगा, खासकर उत्तर बिहार जाने वाले लोगों को क्योंकि हम इस सड़क को दीघा में बने जेपी ब्रिज से जोड़ेंगे.
सड़क निर्माण में होगी बाधा
उन्होंने कहा कि सड़क बनने में बाधा तो है, जगह-जगह इंक्रोचमेंट है, पटना जिला प्रशासन ने इस पर कार्रवाई कर दी है. रेल लाइन के किनारे पांच मंदिर भी हैं उन्हें भी देखना होगा. लोगों को नोटिस जारी किया जा रहा है कि वो स्थान खाली कर दें. उन्होंने कहा कि हमें रेलवे को 222 करोड़ रुपये देने हैं जो हम 30 जून से पहले दे देंगे और उसके तुरंत बाद रेलवे हमें जमीन दे देगा.
इस साल के अंत तक शुरू हो सकता है काम
वहां से रेलवे ट्रैक को हटाने पड़ेगा और इसी बीच डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने का काम भी शुरू किया है. हम उम्मीद करते हैं कि इस साल के अंत तक सड़क निर्माण का काम हम शुरू करेंगे.
उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण में 2 साल का समय लगेगा क्योंकि यह बड़ा प्रोजेक्ट है और बड़े प्रोजेक्ट में कम से कम 2 से 2.5 साल लगेंगे, लेकिन हम कोशिश कर रहे हैं कि इस प्रोजेक्ट पर इस साल के अंत तक काम शुरू कर दें. उन्होंने कहा कि 6 लेन की सड़क के साथ साथ बीच में मेट्रो के लिए भी जगह रहेगी, ताकि भविष्य में इस पर मेट्रो का विस्तार किया जा सके.