scorecardresearch
 

Bihar Panchayat Chunav: बिहार में 18 दिन पहले मरे हुए कैंडिडेट को लोगों ने जिता दिया पंचायत चुनाव

मामला तब खुला जब विजयी उम्मीदवार जीत का प्रमाण पत्र लेने नहीं पहुंचा. प्रशासन ने तहकीकात की तो पता चला कि विजयी उम्मीदवार की मौत वोटिंग से पहले हो गई थी.

Advertisement
X
वोटिंग से पहले ही हो गया था उम्मीदवार का निधन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
वोटिंग से पहले ही हो गया था उम्मीदवार का निधन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पंचायत चुनाव से पहले ही हो गई थी मौत
  • बीडीओ बोले- रिक्त सीट पर होगा उपचुनाव

बिहार पंचायत चुनाव में एक ऐसे उम्मीदवार को जीत मिली है, जिसकी मौत चुनाव से पहले ही हो गई थी. अब मामला सामने आने के बाद उपचुनाव की बात कही जा रही है. ये मामला बिहार के जमुई जिले का है. मामला तब खुला जब विजयी उम्मीदवार जीत का प्रमाण पत्र लेने नहीं पहुंचा. प्रशासन ने तहकीकात की तो पता चला कि विजयी उम्मीदवार की मौत वोटिंग से पहले हो गई थी.

राजधानी पटना से करीब 200 किलोमीटर स्थित जमुई जिले में 24 नवंबर को पंचायत चुनाव हुए थे. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जमुई के खैरा ब्लॉक के दीपकरहार गांव के वार्ड नंबर दो से सोहन मुर्मू ने भी पर्चा दाखिल किया था. बताया जाता है कि सोहन की 6 नवंबर को मृत्यु हो गई थी. वोटिंग के पहले ही सोहन की मौत हो गई थी, लेकिन किसी ने इसे लेकर अधिकारियों को जानकारी नहीं दी.

चुनाव के लिए बैलट पेपर पर सोहन का चुनाव चिह्न भी छपा और वोटिंग हुई. गांव के लोग ये जानते थे कि सोहन की मृत्यु हो चुकी है फिर भी लोगों ने सहानुभूति में जमकर वोटिंग कर दी. नतीजा ये हुआ कि चुनाव में सोहन अपनी ही मौत से उपजी सहानुभूति की लहर पर सवार होकर प्रतिद्वंदी को बड़े अंतर से शिकस्त देने में सफल रहे.

Advertisement

बड़ी जीत के बाद भी जब सोहन अपनी जीत का प्रमाण पत्र लेने नहीं पहुंचे तब प्रशासन एक्टिव मोड में आया. इस संबंध में खैरा ब्लॉक के बीडीओ राघवेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पता लगाया गया तो जानकारी मिली कि 6 नवंबर को ही सोहन की मौत हो गई थी. अब यहां उपचुनाव कराया जाएगा. गौरतलब है कि ये गांव झारखंड के साथ लगती सीमा पर स्थित है.

 

Advertisement
Advertisement