अच्छा जीवन जीने के लिए सबसे जरूरी है कि आप असल में खुश रहना जानते हों. ऐसा तभी संभव होता है जब आप मानसिक रूप से अच्छा फील कर रहे हों. आज के वक्त में बहुत से लोग अलग-अलग तरह की मेंटल हेल्थ समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन इनमें से बहुत कम लोग हैं जो इस बात को मानते हैं कि वो किसी मेंटल हेल्थ समस्या से गुजर रहे हैं. जब कोई व्यक्ति मेंटल हेल्थ समस्या से गुजर रहा होता है तो वो उसे ठीक करने की दिशा में काम करता है. मेंटल हेल्थ में सुधार के लिए आज हमारे पास प्रोफेशनल थेरेपिस्ट मौजूद हैं. अगर आप भी उनमें से हैं जो अपनी बेहतर मेंटल हेल्थ के लिए किसी थेरेपिस्ट के पास जा रहे हैं तो आपको कुछ बातों के बारे में कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए.
अधिकतर लोग जब सेशन के लिए किसी थेरेपिस्ट से मिलते हैं, तो उन्हें अपनी पूरी समस्या बताने से कतराते है, जो उनके इलाज में देरी का भी कारण बनने लगता है. केवल थेरिपी के लिए जाने से ही आपकी मेंटल हेल्थ में सुधार नहीं होता बल्कि सुधार तब होता है जब आप अपने थेरेपिस्ट के साथ खुलकर बात करते हैं. कई लोग थेरेपिस्ट से बातें छिपाते हैं जिसके चलते उन्हें लगता है कि थेरेपी से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है. आइए जानते हैं कौन सी बातों पर आपको कभी अपने थेरेपिस्ट से झूठ नहीं बोलना चाहिए.
जब व्यक्ति थेरेपी शुरू करता है तो उसे कई बार अपने कठिन वक्त को याद करना पड़ता है. ऐसे में वो असहज हो जाते हैं. इसलिए थेरेपी से बचने के लिए वो एक या दो सेशन के बाद ही थेरेपिस्ट को बोलने लगते हैं कि वो बेहतर महसूस कर रहे हैं. हालांकि, सच्चाई ये होती है कि वो दरअसल किसी भी तरह से असहज नहीं होना चाहते और थेरेपी से बचना चाहते हैं. इसलिए वो थेरेपिस्ट से कहते हैं वो बेहतर महसूस कर रहे हैं. आपको कभी भी थेरेपिस्ट से ये झूठ नहीं बोलना चाहिए. आप जैसा महसूस कर रहे हैं, आपको वैसा ही बताना चाहिए तभी ही थेरेपी से आपकी मदद हो सकती है.
थेरेपिस्ट से मुलाकात के दौरान हम बहुत सी चीजों को छुपाने का प्रयत्न करते हैं. हम कई ऐसी बातें छिपाने का अक्सर प्रयास करते हैं जहां हम खुद को गलत मानते हैं. आपको कभी भी ऐसा नहीं करना चाहिए. अगर आपको किसी बात का गिल्ट भी है या आपतो लगता है कि आपकी गलतियों की वजह से आपकी मेंटल हेल्थ खराब हुई है, उन बातों को भी खुलकर थेरेपिस्ट के सामने रखें. आपको खुद को ये बताना होगा कि आपका थेरेपिस्ट आपको किसी भी बात के लिए जज नहीं करता है. आपको हर बात थेरेपिस्ट के सामने रखनी चाहिए.
आपकी बातों को सुनकर थेरेपिस्ट आपको कुछ टिप्स और सुझाव देता है. आपको उन सुझावों का पालन करना चाहिए. कई बार व्यक्ति थेरेपिस्ट की बताई बातों को फॉलो नहीं करते, लेकिन सेशन के दौरान वो कहते हैं कि वो सारी बातों का पालन कर रहे हैं. ऐसा करने से आपको बचना चाहिए. अगर आप ऐसा करेंगे तो आपको कभी भी थेरेपी से मदद नहीं मिल पाएगी और आप कभी भी ठीक नहीं हो पाएंगे.