
Healthy Heart Secret Reveals: लिवर, किडनी और हार्ट से जुड़ी बीमारियां पिछले कुछ समय से तेजी से बढ़ रहे हैं. हार्ट अटैक अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गया है, बल्कि 30, 40 की उम्र के लोगों में भी यह आमतौर पर देखने को मिल रहा है. हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों ने लोगों को सतर्क कर दिया है कि कम उम्र में ही अपने दिल का ख्याल रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि कम उम्र में ही लोग दिल की बीमारी में चपेट में आ रहे हैं.
दिल को हेल्दी रखने के लिए लोग अक्सर इस उलझन में रहते हैं कि लो-कार्ब डाइट अपनाएं या लो-फैट. क्योंकि अक्सर फैट से ही दिल की बीमारियों को जोड़ा जाता है, लेकिन एक नई बड़ी स्टडी ने इस बहस को नया मोड़ दे दिया है. रिसर्च के मुताबिक, हार्ट हेल्थ का असली राज कार्ब या फैट कम करने में नहीं, बल्कि खाने की क्वालिटी में छिपा है.
जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में पब्लिश हुई इस रिसर्च में बताया गया है कि बैलेंस, प्लांट बेस्ड और कम प्रोसेस्ड खाना ही लंबे समय में दिल की असली सुरक्षा करता है. यह स्टडी अमेरिका में लगभग 2 लाख पुरुषों और महिलाओं पर की गई, जिन्हें करीब 30 साल तक ट्रैक किया गया. इस रिसर्च को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के पब्लिक हेल्थ रिसर्चर्स ने लीड किया.
स्टडी के प्रमुख रिसर्चर, एपिडेमियोलॉजिस्ट झियुआन वू के अनुसार, सिर्फ कार्ब या फैट की मात्रा पर ध्यान देना काफी नहीं है, बल्कि यह देखना ज्यादा जरूरी है कि हम किस तरह का खाना खा रहे हैं.
रिसर्च में पाया गया कि जो लोग बैलेंस और हेल्दी डाइट लेते थे, जिसमें पर्याप्त सब्जियां, फल, साबुत अनाज, हेल्दी फैट और जरूरी पोषक तत्व शामिल थे. उनके खून में गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) ज्यादा था. साथ ही उनके शरीर में खराब फैट और सूजन के लक्षण कम मिले. इसके अलावा इन लोगों में कोरोनरी हार्ट डिजीज यानी दिल की धमनियों से जुड़ी बीमारी का खतरा भी काफी कम था, जो हार्ट अटैक की सबसे आम वजह मानी जाती है.
स्टडी में यह भी सामने आया कि हेल्दी लो-कार्ब और हेल्दी लो-फैट डाइट, दोनों ही दिल के लिए फायदेमंद हो सकती हैं. बस शर्ते इतनी है कि उनमें प्रोसेस्ड फूड, अधिक एनिमल और सैचुरेटेड फैट और अनहेल्दी चीजें शामिल न हों.
रिसर्चर्स के अनुसार, अगर कोई डाइट सिर्फ नाम के लिए लो-कार्ब या लो-फैट है, लेकिन उसमें प्रोसेस्ड फूड और अनहेल्दी फैट ज्यादा हैं, तो भविष्य में वो दिल की जोखिम पैदा कर सकती है.
येल यूनिवर्सिटी के कार्डियोलॉजिस्ट हार्लन क्रुमहोल्ज़, जो जर्नल ऑफ़ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ़ कार्डियोलॉजी के एडिटर-इन-चीफ भी हैं, कहते हैं कि यह स्टडी लो-कार्ब बनाम लो-फैट की पुरानी बहस से आगे बढ़ने में मदद करती है. उनके मुताबिक, दिल की सेहत के लिए सबसे ज्यादा फूड की क्वालिटी मायने रखती है.
यह स्टडी 5.2 मिलियन से ज्यादा ‘पर्सन-ईयर्स’ के फॉलो-अप पर बेस्ड है, जो इसे काफी मजबूत बनाता है. हालांकि, इस स्टडी में शामिल सभी लोग हेल्थ प्रोफेशनल्स थे, इसलिए हो सकता है कि वे आम लोगों की तुलना में ज्यादा जागरूक और बेहतर हेल्थकेयर सुविधाओं तक पहुंच रखने वाले हों.

हार्ट हेल्थ के लिए जरूरी बातें
अगर आप अपने दिल को हेल्दी रखना चाहते हैं तो सख्त डाइटिंग या कैलोरी गिनने की जरूरत नहीं है.
इन बातों का रखें ध्यान