
भारत में खान-पान और लाइफस्टाइल तेजी से बदल रही है, जिसके कारण पेट और पाचन संबंधी समस्याएं आम हो गई हैं. कई बार हम पेट दर्द या गैस को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये किसी गंभीर बीमारी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं. हाल ही में एक गैस्ट्रो एक्सपर्ट ने 4 ऐसे जरूरी टेस्ट बताए हैं जो सभी को कराने चाहिए. अगर ये टेस्ट रिपोर्ट सामान्य हैं, तो आप निश्चिंत हो सकते हैं कि आपको पेट की कोई बड़ी समस्या नहीं है. आइए जानते हैं इन जरूरी जांचों के बारे में.
बीमारियों को पकड़ने का '4C' फार्मूला
मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, पेट की सेहत का सीधा संबंध हमारे पूरे शरीर से होता है. अक्सर लोग आईबीएस (IBS) जैसी समस्याओं से जूझते हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं होता कि इसका सटीक निदान कैसे हो. डॉ. शुभम वत्स के अनुसार, भारत में रहने वाले लोगों के लिए चार टेस्ट बेहद खास हैं. इसे आप '4C' फार्मूला कह सकते हैं. इसमें सीबीसी (CBC), सीआरपी (CRP), कैलप्रोटेक्टिन (Calprotectin) और सीलिएक सेरोलॉजी (Celiac Serology) शामिल हैं.

CBC और CRP
सबसे पहला टेस्ट है CBC यानी कंप्लीट ब्लड काउंट. यह शरीर में हीमोग्लोबिन, इन्फेक्शन और अन्य महत्वपूर्ण घटकों की जानकारी देता है. वहीं CRP (सी-रिएक्टिव प्रोटीन) टेस्ट यह बताता है कि शरीर में कहीं सूजन तो नहीं है. यदि सीआरपी का स्तर बढ़ा हुआ है तो यह इशारा करता है कि शरीर के अंदरूनी हिस्सों, विशेषकर आंतों में कोई परेशानी हो सकती है.
कैलप्रोटेक्टिन और सीलिएक सेरोलॉजी
तीसरा टेस्ट है कैलप्रोटेक्टिन. यह मल की जांच होती है जो आंतों में सूजन की स्थिति स्पष्ट करती है. यदि आपको बार-बार दस्त या पेट दर्द की समस्या रहती है, तो यह टेस्ट काफी कारगर साबित होता है.
चौथा टेस्ट है सीलिएक डिजीज सेरोलॉजी. भारत में गेहूं से एलर्जी (Gluten Allergy) के मामले बढ़ रहे हैं. यह टेस्ट बताता है कि क्या आपका शरीर ग्लूटेन को पचा पा रहा है या नहीं.
कब माना जाता है इसे IBS?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर किसी मरीज के ये चारों टेस्ट नॉर्मल आते हैं और फिर भी उसे पेट में परेशानी महसूस होती है तब उसे आईबीएस (Irritable Bowel Syndrome) माना जाता है. आईबीएस कोई घातक बीमारी नहीं है, बल्कि एक फंक्शनल डिसऑर्डर है जिसे सही खान-पान और स्ट्रेस फ्री लाइफ जीकर ठीक किया जा सकता है.