
पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण की 152 सीटों के लिए मतदान के दौरान कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं हुईं. दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा और नतीजे 4 मई को आएंगे.
चुनावी माहौल के बीच, पश्चिम बंगाल का बताकर दो वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं. एक वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि शराब बांटते पकड़े जाने पर कैसे टीएमसी के कार्यकर्ताओं की जमकर पिटाई हुई. दूसरे वीडियो के बारे में कहा जा रहा कि देखो तृणमूल का पूर्व नेता ही अब ममता बनर्जी को कैसे गालियां दे रहा है.
लेकिन दोनों ही वीडियो का, न तो चुनाव से कोई लेना-देना है और न ही ये वीडियो बंगाल के हैं. एक-एक करके जानते हैं, दोनों की असलियत.
“तृणमूल के कार्यकर्ता की धुनाई” की असलियत

इस वीडियो को ये कहकर शेयर किया जा रहा है कि बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ता वोटर्स को घूस के तौर पर शराब बांटते हुए पकड़े गए जिसके बाद उन्हें सबक सिखाया गया. वीडियो में दो आदमी नजर आते हैं जिनमें एक के हाथ में डंडा है. इसके अलावा वर्दी पहने हुए एक महिला को भी देखा जा सकता है. ये महिला एक आदमी से दूसरे को पीटने को कहती है और वो ऐसा करते भी हैं. महिला धौंस देते हुए ये भी कहती है कि चाहो तो दुनिया में कहीं भी मेरी शिकायत कर देना.
वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर एक व्यक्ति ने लिखा, “अब पुलिस नहीं करेगी ठुकाई, जो आपके साथ जाएगा, वही करेगा आपकी धुनाई. टीएमसी कार्यकर्ता साथ में रात को वोट मांगने और दारू बांटने निकले थे. अमृता सोलंकी ने पकड़ लिया और कार्यकर्ता से ही, कार्यकर्ता की, अच्छे से तुड़ाई करवा दी”
इसके कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें दैनिक भास्कर की अप्रैल 2020 की एक रिपोर्ट मिली. इसके मुताबिक ये वीडियो मध्य प्रदेश के इंदौर का है. वीडियो में नजर आ रही महिला अमृता सोलंकी हैं. वो उस वक्त सराफा थाने की प्रभारी थीं. कोविड के समय बेवजह रात को बाहर घूमने पर उन्होंने ये कार्रवाई की थी. एबीपी न्यूज की रिपोर्ट भी यही कहती है.
कौन है ममता बनर्जी को गालियां देने वाला शख्स

दूसरे मामले में लगातार गाली-गलौज करते इस आदमी का वीडियो ये कहकर शेयर किया जा रहा है कि ये शख्स तृणमूल कांग्रेस यानि टीएमसी का पूर्व नेता है जो अब ममता बनर्जी को गाली दे रहा है. कहा जा रहा है कि ऐसा उसने TMC और हुमायूं कबीर के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प से नाराज होकर किया.
दावा किया जा रहा है कि इस शख्स ने मुसलमानों से हुमायूं कबीर को वोट देने की अपील करते हुए कहा कि ममता बनर्जी मुस्लिम वोटों की हकदार नहीं हैं.
हुमायूं कबीर वही नेता हैं जिन्होंने मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ बनाने की बात कही थी और चर्चा में आए थे. वो पहले टीएमसी में ही थे. जब उन्हें टीएमसी ने पार्टी से निकाला तो, उन्होंने अपनी जनता उन्नयन पार्टी बना ली.
जहां तक सवाल वायरल वीडियो का है, तो इसमें नजर आ रहे शख्स का नाम सेफत उल्लाह सेफुदा है. ये व्यक्ति मूल रूप से बांग्लादेश का है लेकिन रहता ऑस्ट्रिया में है. बांग्लादेश में ये एक विवादित चेहरा हैं. उनके खिलाफ कुरान के अपमान और मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में कई केस भी दर्ज हैं. उन्हें बेवजह भारत का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है.