यूपी के गाजियाबाद में बकरीद के दिन हुई सूर्या प्रताप चौहान नामक युवक की हत्या के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ पुलिसवाले दो युवकों को जंजीरों में बांधकर ले जा रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि ये युवक सूर्या की हत्या के आरोपी हैं. वीडियो में दिख रहे दोनों युवक लंगड़ाकर चल रहे हैं.
दरअसल, 28 मई को गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में सूर्या प्रताप चौहान और असद नामक युवक के बीच विवाद हो गया था, जिसके बाद असद ने सूर्या पर चाकू से हमला कर दिया था. इलाज के दौरान सूर्या की मौत हो गई. मामले का मुख्य आरोपी असद 30 और 31 मई की दरम्यानी रात पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ और इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई. खबर लिखे जाने तक पुलिस ने मामले के तीन आरोपियों- नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया है और एक आरोपी अभी भी फरार है.
इसी संदर्भ में वायरल हो रहे वीडियो को शेयर करते हुए एक फेसबुक यूजर ने लिखा, “ग़ज़िआबाद में सूर्या पर चाकू से हमला करने वाले 1 का एनकाउंटर, 2 जंजीरों में जकड़े.”

पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वायरल वीडियो का गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड से कोई संबंध नहीं है. वीडियो में दिख रहे युवकों के नाम रोहित भाटी और युवराज माली हैं, जिन पर मध्य प्रदेश के मंदसौर में 19 वर्षीय युवक अरुण की हत्या का आरोप है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से ये हमें 10 अप्रैल के एक इंस्टाग्राम पोस्ट में मिला. जाहिर है, इसका सूर्या हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है. इस पोस्ट में लिखा है, “Mandsaur हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता! मध्य प्रदेश के मंदसौर में 19 साल के युवक अरुण की हत्या के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.”
इस बारे में थोड़ी और खोजबीन करने पर हमें दैनिक भास्कर 6 अप्रैल की एक रिपोर्ट मिली. इसके अनुसार 5 अप्रैल की रात करीब 11 बजे मंदसौर के गांधी चौराहा क्षेत्र में चाकूबाजी की एक घटना हुई थी. नरसिंहपुरा निवासी नानावती बरगुंडा के 19 वर्षीय बेटे अरुण पर रोहित भाटी और युवराज माली नाम के दो युवकों ने हमला कर दिया था. अरुण को जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया था. बाद में उसे रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.
साफ है, मध्य प्रदेश की एक घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी का वीडियो अब गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड का बताकर शेयर किया जा रहा है जिससे लोगों में भ्रम फैल रहा है.
( रिपोर्ट - रश्मि गुप्ता )