रेहड़ी-पटरी वालों को सड़क से भगाते कुछ पुलिसवालों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इसमें कुछ पुलिस वाले, स्ट्रीट वेंडर्स पर डंडे बरसाते, उनके सामान को नुकसान पहुंचाते नजर आ रहे हैं.
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को नेपाल का बताकर शेयर किया जा रहा है. कुछ लोगों का कहना है कि इसमें दिख रहे स्ट्रीट वेंडर्स, मुस्लिम और अवैध बांग्लादेशी हैं, जिनके खिलाफ नेपाल सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है.
इंस्टाग्राम पर एक व्यक्ति ने इसे पोस्ट करते हुए लिखा, “पशुपतिनाथ की धरती पर अवैध बांग्लादेशियों पर बड़ा प्रहार! नेपाल सरकार ने स्पष्ट संदेश दे दिया है- हिंदुओं को ‘काफिर’ कहने वालों के लिए हमारे देश में कोई जगह नहीं. घुसपैठियों को खदेड़ने का काम शुरू हो चुका है.” इस पोस्ट आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो बांग्लादेश के ढाका है, नेपाल का नहीं.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये एक बांग्लादेशी पत्रकार के फेसबुक पोस्ट में मिला. उन्होंने ये वीडियो 16 मार्च को पोस्ट किया था. उनके मुताबिक फुटपाथ को खाली कराने के लिए पुलिस ने ये कार्रवाई की थी.
इसके अलावा बांग्लादेश के कई न्यूज आउटलेट्स ने इस घटना के बारे में खबरें छापीं थीं. Maasranga News के मुताबिक सड़क पर स्ट्रीट वेंडर्स के अतिक्रमण को हटाने के लिए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सख्त एक्शन लिया था. लेकिन पुलिस के इस तरीके पर कई सवाल भी उठे थे.
ये घटना बांग्लादेश के ढाका में बैतुल मुकर्रम राष्ट्रीय मस्जिद के साउथ गेट के पास हुई थी. हमें गूगल मैप्स के स्ट्रीट व्यू पर बिल्कुल यही लोकेशन मिल गई. इससे साफ हो जाता है कि ये वीडियो नेपाल का है ही नहीं.
बीतें दिनों सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल हुआ था कि नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने वहां के सारे ईदगाह, मस्जिद और मजारों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है. लेकिन ये दावा भी पूरी तरह से फर्जी था. हमने उस वक्त भी इसकी सच्चाई बताई थी.