
सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर नोएडा में 13 अप्रैल को सैंकड़ों की संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए. कई जगह सड़कें जाम हो गईं और आगजनी की घटनाएं भी हुईं. 80 से ज्यादा फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की खबरें सामने आईं. इस मामले में अब तक 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सात एफआईआर भी दर्ज की गई हैं.
इसी संदर्भ में एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इसमें एक पुलिसकर्मी एक व्यक्ति को लात मारकर गाड़ी में बैठाता हुआ नजर आ रहा है. कई लोग इसे नोएडा का बताकर शेयर कर रहे हैं.
आरजेडी प्रवक्ता प्रियंका भारती ने नोएडा डीएम को घेरते हुए ये वीडियो शेयर किया और लिखा, “नोएडा में कर्मचारी हड़ताल पर है, उनकी न्यायसंगत मांगों को सरकार इस बेदर्दी से कुचलती हुई! नोएडा DM हमारे ज्ञानेश जी की बिटिया है, क्या ऐसे पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई होगी?”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो नोएडा का नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के शहडोल का है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये मध्य प्रदेश के कई लोकल मीडिया आउटलेट्स की वीडियो रिपोर्ट्स में मिला. HINDI NEWS MPCG और Anaadi Tv की 11 अप्रैल की रिपोर्ट्स में भी इसे देखा जा सकता है.
इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मामला शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र का है. दरअसल जैतपुर चौराहे पर एक शख्स एक दुकान में घुसकर हंगामा कर रहा था. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और इस व्यक्ति के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज किया.
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, नशे में धुत युवक ने एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में तोड़फोड़ और हंगामा किया. इसके बाद पुलिस ने व्यक्ति को हिरासत में लिया. लेकिन इस दौरान पुलिस ने आरोपी को लात मारी जिसे लेकर काफी बवाल हो गया है.
यूपी पुलिस ने भी 11 अप्रैल को एक एक्स पोस्ट के जरिए वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावों को भ्रामक बताया है.
साफ है कि मध्य प्रदेश की घटना को नोएडा का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है.