मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम में एक 20 साल पुराना पर्यटक क्रूज डूब गया जिसके चलते कम-से-कम नौ लोगों की मौत हो गई. अधिकारियों के मुताबिक, आठ लोग अभी भी लापता हैं. ये हादसा तेज आंधी-तूफान की वजह से हुआ.
इस घटना के संदर्भ में किसी नदी किनारे पानी में बेसुध पड़ी एक महिला और एक बच्चे के मृत शरीर की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है. ऐसा कहा जा रहा है कि इन दोनों की मौत इसी क्रूज हादसे में हुई है.
एक एक्स यूजर ने इसे शेयर करते हुए लिखा, "यह जबलपुर की डैम में क्रूज डूबने की घटना का बड़ा दर्दनाक दृश्य है. मां लाइफ जैकेट पहने हुए थी यह कभी डूब नहीं सकती थी लेकिन अफसोस बच्चा लाइफ़ जैकेट नहीं पहना था. और अपने बच्चे को बचाने की उम्मीद में यह मां की जान भी चली गई और बच्चे की भी जान चली गई. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे"
बहुत लोग इस तस्वीर को असली समझ कर इसमें दिख रही महिला और बच्चे को श्रद्धांजलि दे रहे हैं. लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये तस्वीर AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनी है. हालांकि इस हादसे में जान गंवाने वाली एक महिला और उसके बच्चे की एक मिलती-जुलती तस्वीर सचमुच सामने आई है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
सबसे पहली बात, इस हादसे के बाद जबलपुर में बरगी डैम के पास देश भर की मीडिया का जमावड़ा है. अगर सचमुच ये तस्वीर असली होती तो ये हमें कई खबरों में नजर आती. लेकिन हमें किसी भी आधिकारिक रिपोर्ट में ये तस्वीर नहीं मिली. बल्कि, कुछ खबरों में इसे AI-जेनरेटेड जरूर बताया गया है.
दूसरी बात, वायरल फोटो को रिवर्स सर्च करने पर हमें एक एक्स पोस्ट में इससे मिलती-जुलती एक दूसरी फोटो मिली. जहां वायरल फोटो में महिला का शरीर दाईं तरफ घूमा हुआ है, वहीं दूसरी फोटो में उसका शरीर बाईं तरफ घूमा हुआ है. साफ पता लग रहा है कि वायरल फोटो को फ्लिप किया गया है. कई बार फर्जी तस्वीरें शेयर करने वाले इसलिए ऐसा करते हैं ताकि लोग रिवर्स सर्च करके तस्वीर की सच्चाई का पता न लगा पाएं.
इन दोनों बातों पर गौर करने से हमें इस फोटो के फर्जी होने का शक हुआ.
फोटो को ध्यान से देखने पर इसमें कई गड़बड़ियां दिखती हैं, जो अमूमन AI से बनी तस्वीरों में पाई जाती हैं. इसमें बच्चे का हाथ, महिला के हाथ से एकदम मिल जा रहा है. बच्चे के हाथ की उंगलियां भी स्पष्ट नहीं दिख रही हैं. महिला के हाथ के कंगन के किनारे भी बेहद धुंधले हैं. महिला के हाथ में जिस जगह कंगन है, वहां की त्वचा एक तरफ से अंदर की तरफ मुड़ी हुई दिखती है. इसके अलावा, महिला की एक भौंह (आइब्रो), दो हिस्सों में बंटती दिखती है.
हमने AI डिटेक्टर टूल हाईव मॉडरेशन से इस तस्वीर की जांच की. टूल के मुताबिक, इस फोटो के AI से बने होने की 98.3 प्रतिशत संभावना है.
आजतक के मध्य प्रदेश के संवाददाता रवीश पाल ने हमें इस घटना में जान गंवाने वाली एक दिल्ली की महिला और उसके बच्चे की फोटो भेजी जो वायरल तस्वीर से काफी मिलती-जुलती है.
साफ है, AI से बनी एक फोटो को जबलपुर क्रूज हादसे के संदर्भ में शेयर किया जा रहा है.