
एक भारतीय नाविक के शव का बताकर एक वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. वीडियो किसी पानी के जहाज का है. जहाज पर एक आदमी लेटा हुआ है और उसके हाथ-पैर भी बंधे हैं.
अब सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर करते हुए कुछ लोग कह रहे हैं कि ये एक भारतीय नाविक का शव है जिसे अमेरिका ने इस हालत में भारत भेज दिया. कुछ लोग तो इस वीडियो को शेयर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी से भी अपील कर रहे हैं कि उन्हें इस बारे में कुछ बोलना चाहिए.
दरअसल, ओमान की खाड़ी में 10 जून को हुए अमेरिकी नौसेना के हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी. इसी संदर्भ में ये वीडियो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर खूब वायरल हो रहा है. ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये एक मॉक ड्रिल का वीडियो है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें दीपक कुमार चंद्रवंशी नाम के इंस्टाग्राम यूजर के 5 अप्रैल की पोस्ट में इससे मिलता-जुलता वीडियो मिला. यहां इसे एक फायर ड्रिल के दौरान का बताया गया है. इसमें एक आदमी शिप पर लेटा हुआ है, उसके अगल-बगल कुछ लोग खड़े नजर आते हैं, और एक शख्स इन्हें निर्देश देता हुआ दिखाई दे रहा है.
वहीं, इसी अकाउंट पर 9 जून को पोस्ट किए गए वीडियो में शिप पर लेटा हुआ शख्स पलकें झपकाते और मुस्कुराते हुए नजर आ रहा है.
इस अकाउंट ने वायरल वीडियो के बारे में सफाई देते हुए 17 जून को एक पोस्ट किया. पोस्ट में बताया गया है कि ये वीडियो एक स्ट्रक्चर ड्रिल के दौरान का है, और इसमें दिख रहा व्यक्ति एकदम सही सलामत है. इसी दिन एक और पोस्ट के जरिए वायरल वीडियो में दिख रहे शख्स को भी दिखाया गया है.
इस अकाउंट से जुड़े यूट्यूब चैनल पर 21 जनवरी को इसी ड्रिल का एक वीडियो पोस्ट किया गया था. इसमें ड्रिल से जुड़ी तैयारियां देखी जा सकती हैं. इसमें लोग उस शख्स को बांधते और ड्रिल के लिए तैयार करते हुए देखे जा सकते हैं.
वहीं ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले तीन में से दो भारतीय नाविकों के शव भारत आ चुके हैं. ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास ने इसकी पुष्टि की है.
साफ है कि एक ड्रिल के वीडियो को भारतीय नाविक के शव का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है.