सोशल मीडिया पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हवाले से एक हैरान कर देने वाला बयान वायरल हो रहा है. इसमें लिखा है कि हर सफल पाकिस्तानी नागरिक विदेशी सुख-सुविधाओं को ही तवज्जो देता है और उसके लिए अपने देश का वजूद एक कब्रिस्तान से ज्यादा नहीं है.
पूरा बयान कुछ इस प्रकार है, “रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कहते हैं कि जब कोई पाकिस्तानी अमीर हो जाता है, तो वो स्विट्जरलैंड में बैंक अकाउंट खुलवा लेता है. अपने इलाज के लिए लंदन और अमेरिका जाता है.
यूके और दुबई में निवेश करता है. दुबई से खरीदारी करता है. चाइनीज खाना खाता है. रोम या मक्का में इबादत करता है. अपने बच्चों को यूरोप में पढाता है. घूमने के लिए कनाडा, यूरोप और यूएसए जाता है. मरने के बाद ही उसे उसके अपने देश यानी पाकिस्तान में दफनाया जाता है.”
फेसबुक पर यह संदेश काफी वायरल है.
हमने पाया कि सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा ये बयान मनगढ़ंत है. व्लादिमीर पुतिन ने कभी भी ऐसी कोई बात नहीं कही.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
कीवर्ड सर्च के जरिये तलाशने पर हमें पुतिन का ऐसा कोई बयान नहीं मिला जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को लेकर इस तरह की कोई बात कही हो. एक ऐसे वक्त में जब रूस, यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध की वजह से और पाकिस्तान, इमरान सरकार गिरने की वजह से चर्चा में है, अगर पुतिन ने ऐसा कुछ कहा होता तो सभी मीडिया वेबसाइट्स में इसे लेकर खबर छपी होती.
एक खास बात ये है कि साल 2018 में भी ठीक यही बयान पाकिस्तान की जगह अफ्रीका के नाम पर वायरल हुआ था. उस वक्त कई अफ्रीकी वेबसाइट्स ने इसका खंडन किया था.
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की रूस यात्रा के बाद जब उनकी सरकार मुश्किलों में घिरी, तो रूस की तरफ से बयान आया था कि इमरान, रूस जाने की कीमत चुका रहे हैं. और अमेरिका इस यात्रा को अपनी शान में गुस्ताखी मान कर उन्हें सजा दे रहा है.
इमरान ने 24 फरवरी 2022 को रूस की राजधानी मॉस्को में पुतिन से मुलाकात की थी. 24 फरवरी को ही रूस ने यूक्रेन के खिलाफ ‘विशेष सैन्य अभियान’ की घोषणा की थी.
हाल ही में जब शहबाज शरीफ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री बने, तो पुतिन ने उन्हें बधाई दी और उम्मीद जताई कि वो रूस और पाकिस्तान के रिश्तों को मजबूत बनाने की दिशा में काम करेंगे. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खात्मे और अफगान सेटलमेंट के लिए भी प्रयास करेंगे.
यानी साफ तौर पर पुतिन के नाम पर एक फर्जी बयान वायरल करके भ्रम फैलाया जा रहा है.